RBI में बड़ा बदलाव: रोहित जैन बने डिप्टी गवर्नर, 10 अहम विभागों की मिली जिम्मेदारी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए डिप्टी गवर्नरों के बीच विभागों का नया बंटवारा किया है। इस बदलाव के तहत नवनियुक्त डिप्टी गवर्नर रोहित जैन को 10 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech), विदेशी मुद्रा प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अहम विभाग शामिल हैं।
रोहित जैन ने टी. रबी शंकर का स्थान लिया है, जिनका विस्तारित कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था। उनकी नियुक्ति तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए की गई है।
रोहित जैन को मिले 10 अहम विभाग
RBI के अनुसार, रोहित जैन अब कई रणनीतिक और संचालन से जुड़े विभागों का कार्यभार संभालेंगे। इनमें शामिल हैं:
- बाह्य निवेश और परिचालन
- विदेशी विनिमय (Foreign Exchange)
- वित्तीय बाजार विनियमन
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT)
- वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech)
- आंतरिक ऋण प्रबंधन
- जोखिम निगरानी
- सरकारी और बैंक खाते
- कॉरपोरेट रणनीति और बजट
- राजभाषा विभाग
रोहित जैन को RBI में व्यापक प्रशासनिक और वित्तीय अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
अन्य डिप्टी गवर्नरों के बीच भी विभागों का बंटवारा
RBI ने अन्य डिप्टी गवर्नरों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया है।
- वरिष्ठ डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन को 11 विभाग सौंपे गए हैं, जिनमें पर्यवेक्षण, विधि, जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) और निरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। साथ ही समन्वय की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।
- पूनम गुप्ता को 6 विभागों की जिम्मेदारी मिली है, जिनमें प्रमुख मौद्रिक नीति विभाग शामिल है।
- डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू को 5 विभाग सौंपे गए हैं, जिनमें विनियमन और प्रवर्तन विभाग प्रमुख हैं।
RBI अधिनियम, 1934 के अनुसार केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होते हैं, जो विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का संचालन करते हैं।
रोहित जैन का अनुभव
रोहित जैन 1991 में भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े थे और उन्हें केंद्रीय बैंक में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें पर्यवेक्षण विभाग में मुख्य महाप्रबंधक का पद भी शामिल है।
शैक्षणिक रूप से वे गुजरात विश्वविद्यालय से MBA (फाइनेंस) और दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से M.Com हैं।
अहम नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?
RBI में डिप्टी गवर्नर स्तर की नियुक्तियां देश की मौद्रिक नीति, बैंकिंग सिस्टम और वित्तीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। रोहित जैन को जिन विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, वे सीधे देश की अर्थव्यवस्था, डिजिटल फाइनेंस और विदेशी निवेश से जुड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव RBI की डिजिटल फाइनेंस और वैश्विक वित्तीय प्रणाली में भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
निष्कर्ष
रोहित जैन की नियुक्ति के साथ RBI के शीर्ष प्रबंधन में नया संतुलन देखने को मिला है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे अपनी नई जिम्मेदारियों के तहत भारतीय बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली को किस दिशा में आगे ले जाते हैं।

