14 Mar 2026, Sat

Ram Navami 2026 Date: 26 या 27 मार्च? जानें पंचांग के अनुसार कब मनाया जाएगा भगवान राम का जन्मोत्सव, दूर करें हर कन्फ्यूजन

Ram Navami 2026 Date: 26 या 27 मार्च? जानें इस साल कब मनाई जाएगी राम नवमी और क्या है सही पूजा मुहूर्त

हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को राम नवमी के रूप में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है और चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन दोपहर के समय भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन मध्याह्न काल में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

हालांकि साल 2026 में राम नवमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई लोग इस पर्व को 26 मार्च को मनाने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग 27 मार्च को राम नवमी मान रहे हैं। यह कन्फ्यूजन इसलिए पैदा हुआ है क्योंकि इस बार नवमी तिथि दो दिनों तक पड़ रही है। ऐसे में पंचांग के आधार पर सही तिथि को समझना जरूरी हो जाता है।

26 या 27 मार्च, कब है राम नवमी?

धार्मिक शास्त्रों और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार राम नवमी का व्रत और पूजा उस दिन करना अधिक शुभ माना जाता है, जिस दिन नवमी तिथि मध्याह्न काल में मौजूद हो। मध्याह्न काल वह समय होता है जिसे भगवान राम के जन्म का समय माना गया है।

पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट से शुरू होगी। चूंकि इस दिन दोपहर के समय नवमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए शास्त्रों के अनुसार राम नवमी का मुख्य पर्व 26 मार्च 2026 को मनाना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। इसी दिन भगवान श्रीराम की जन्म पूजा का सबसे शुभ योग बन रहा है।

26 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार 26 मार्च को राम नवमी पूजा के लिए विशेष शुभ मुहूर्त उपलब्ध है। इस दिन पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। वहीं राम नवमी का मध्याह्न क्षण दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर माना गया है, जो भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीकात्मक समय माना जाता है। इस दौरान भक्त मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

क्या 27 मार्च को भी मनाई जाएगी राम नवमी?

हालांकि कुछ लोग उदया तिथि को अधिक महत्व देते हैं। उदया तिथि का मतलब होता है कि सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, उसी दिन त्योहार मनाया जाए। वर्ष 2026 में 27 मार्च को सूर्योदय के समय भी नवमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए जो लोग उदया तिथि को मानते हैं, वे 27 मार्च को भी राम नवमी का पर्व मना सकते हैं।

27 मार्च को भी पूजा के लिए वही शुभ मुहूर्त रहेगा, जो 26 मार्च को है। यानी सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक भगवान श्रीराम की पूजा की जा सकती है।

राम नवमी का धार्मिक महत्व

राम नवमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है। इस दिन भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्म हुआ था। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, रामायण का पाठ करते हैं और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर शोभायात्रा और भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया जाता है।

इस तरह पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में राम नवमी का मुख्य पर्व 26 मार्च को मनाना अधिक उचित माना जा रहा है, हालांकि उदया तिथि के अनुसार कुछ लोग 27 मार्च को भी इस पर्व को मना सकते हैं।

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