19 Mar 2026, Thu

PSL 2026 का आगाज होने से पहले ही प्लेयर्स के बीच मची भगदड़, इन विदेशी खिलाड़ियों ने पाकिस्तान आने से किया इनकार

पीएसएल 2026 से पहले बड़ा झटका, कई विदेशी खिलाड़ियों ने लिया नाम वापस

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग Pakistan Super League के आगामी सीजन का आगाज 26 मार्च से होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट को और बड़ा बनाया गया है, जिसमें 6 की जगह 8 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 44 मुकाबले खेले जाएंगे। हालांकि, सीजन शुरू होने से पहले ही लीग को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि कई विदेशी खिलाड़ियों ने सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देते हुए अपना नाम वापस ले लिया है।

सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

पाकिस्तान में मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए विदेशी खिलाड़ियों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। Cricket Australia ने भी अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान यात्रा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके बाद कई खिलाड़ियों ने पीएसएल से दूरी बनाने का फैसला लिया है।

मुजरबानी ने चुना आईपीएल का रास्ता

जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज Blessing Muzarabani को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने अपनी टीम में शामिल किया था, लेकिन उन्होंने पीएसएल छोड़कर Indian Premier League में खेलने का फैसला किया। अब वह आईपीएल 2026 में Kolkata Knight Riders की ओर से खेलते नजर आएंगे।

इन खिलाड़ियों ने भी किया किनारा

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज Spencer Johnson, जिन्हें क्वेटा ग्लेडिएटर्स की टीम में शामिल किया गया था, उन्होंने निजी कारणों से अपना नाम वापस ले लिया। वहीं वेस्टइंडीज के स्पिनर Gudakesh Motie ने भी टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया है।

इसके अलावा इंग्लैंड के Tymal Mills और नामीबिया के David Wiese पहले ही पीएसएल से किनारा कर चुके हैं। इंग्लैंड के सीमित ओवरों के कप्तान Harry Brook को लाहौर कलंदर्स ने अप्रोच किया था, लेकिन उन्होंने भी खेलने से इनकार कर दिया।

अफगान खिलाड़ियों का भी बहिष्कार

इस बार पीएसएल में अफगानिस्तान के खिलाड़ी भी हिस्सा नहीं लेंगे। अनुभवी ऑलराउंडर Mohammad Nabi, स्पिनर Mujeeb Ur Rahman और विकेटकीपर Rahmanullah Gurbaz सहित कई खिलाड़ियों ने पहले रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन बाद में अपना नाम वापस ले लिया।

क्या पड़ेगा टूर्नामेंट पर असर?

लगातार विदेशी खिलाड़ियों के हटने से पीएसएल 2026 की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ सकता है। हालांकि PCB टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन बड़े नामों की कमी फैंस की दिलचस्पी को प्रभावित कर सकती है।

निष्कर्ष

पीएसएल 2026 शुरू होने से पहले ही चुनौतियों का सामना कर रहा है। सुरक्षा चिंताओं और खिलाड़ियों के हटने से लीग पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि टूर्नामेंट अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कितनी सफलता से आयोजित हो पाता है और क्या यह दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरता है।

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