Parliament Budget Session: लोकसभा में हंगामा जारी, स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज
संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार जारी हंगामे के बीच लोकसभा में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पद से हटाने के लिए लाया गया प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया।
प्रस्ताव खारिज होने के बाद सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष, खासकर Rahul Gandhi और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि इस घटनाक्रम से कांग्रेस पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही कांग्रेस सदन से बाहर चली गई।
रिजीजू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के कुछ सहयोगी दल भी उसके इस व्यवहार से खुश नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के कई सांसदों ने उन्हें बताया कि कांग्रेस मतदान में हिस्सा नहीं लेना चाहती थी, क्योंकि विपक्ष के सभी सदस्य इस प्रस्ताव के समर्थन में नहीं थे।
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की यह कोशिश असफल हो गई। रिजीजू ने यह भी आरोप लगाया कि जब गृह मंत्री Amit Shah सदन में बोल रहे थे, तब कांग्रेस के सदस्यों ने जानबूझकर हंगामा किया।
दूसरी ओर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद अभय कुमार सिन्हा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद विजय कुमार हंसदा ने कहा कि स्पीकर अक्सर विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकते हैं और उनके लिए “नो” शब्द का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।
इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को सरकार से शिकायत है तो प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव लाना सामान्य बात नहीं है। शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नियमों के तहत बोलना नहीं चाहते और संसद को रैली की तरह चलाना चाहते हैं।
इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा कोशिश की है कि सदन में हर सांसद को नियमों और प्रक्रियाओं के तहत अपनी बात रखने का अवसर मिले। बिरला ने कहा कि प्रत्येक सांसद लाखों नागरिकों के जनादेश का प्रतिनिधित्व करता है और उनकी जिम्मेदारी है कि सभी सदस्यों को बोलने का अवसर दिया जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि कई ऐसे सांसद होते हैं जो सदन में बोलने में संकोच करते हैं। ऐसे सांसदों को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने चैंबर में बुलाकर उन्हें चर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। उनके मुताबिक संसद विचारों के आदान-प्रदान का एक जीवंत मंच है जहां सहमति और असहमति दोनों की परंपरा रही है।
उधर गुरुवार को भी संसद में हंगामा जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके अलावा विपक्षी दलों के नेता संसद परिसर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित कमी को लेकर भी प्रदर्शन करते नजर आए।
इस दौरान राहुल गांधी भी विपक्षी नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। बजट सत्र के बाकी दिनों में भी संसद में इसी तरह के तीखे राजनीतिक टकराव देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

