14 Mar 2026, Sat

Parliament Budget Session LIVE: संसद में LPG संकट पर चर्चा की मांग, विपक्ष के हंगामे के आसार

संसद बजट सत्र LIVE: एलपीजी संकट और हंगामेदार कार्यवाही

नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र शुक्रवार को हंगामेदार माहौल में शुरू हुआ। दूसरे चरण के बजट सत्र में भी विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दल एलपीजी संकट और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर सत्र में सक्रिय रहे, जबकि दोनों सदनों में हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।

विपक्ष का प्रदर्शन

गुरुवार को कांग्रेस, सपा, डीएमके और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में एकत्र हुए और एलपीजी संकट के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सांसदों ने नारेबाजी की और गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। विपक्ष का कहना है कि देश में गैस की आपूर्ति और घरेलू ईंधन की कीमतों को लेकर जनता को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही।

कांग्रेस अध्यक्ष का बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और देश में एलपीजी संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग की। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस पर सदन में जवाब देना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया कि मोदी सरकार की “नकली सूत्र आधारित आश्वासन” उसकी अक्षमता को उजागर करते हैं। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका पहले से थी, लेकिन सरकार ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

राहुल गांधी का बयान

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एलपीजी संकट और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “गलत विदेश नीति और एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता इस समस्या का कारण हैं। अब हमें तत्काल तैयारी करनी होगी, नहीं तो करोड़ों लोगों को भारी नुकसान हो सकता है। यह कोई राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि देश की गंभीर स्थिति का सच है। प्रधानमंत्री को इस चुनौती से निपटने के लिए गहराई से सोचने की जरूरत है।”

बजट सत्र की स्थिति

संसद का बजट सत्र शुरू होते ही हंगामेदार बन गया। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सांसद दोनों सदनों में उच्च आवाज में अपनी मांगें रख रहे हैं। एलपीजी संकट, ऊर्जा सुरक्षा और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर चर्चा मुख्य विषय बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बजट सत्र में ऐसे हंगामे आम हैं, लेकिन इस बार विपक्ष ने आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र में रखा है। इससे केवल संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार को सार्वजनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

निष्कर्ष

संसद का बजट सत्र लगातार हंगामेदार रहा, जिसमें एलपीजी संकट और मिडिल ईस्ट के युद्ध के असर को लेकर विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाया। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और सरकार से जवाब मांग रहे हैं। देशवासियों की ऊर्जा आपूर्ति और घरेलू ईंधन की कीमतों को लेकर यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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