हिंदी सिनेमा और मुंबई अंडरवर्ल्ड का रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है। एक बार फिर यह कनेक्शन सुर्खियों में है, वजह है निर्देशक विशाल भारद्वाज की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’। फिल्म में शाहिद कपूर ‘उस्तारा’ नाम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि तृप्ति डिमरी ‘अफ्शा’ की भूमिका निभा रही हैं। मेकर्स ने साफ किया है कि फिल्म किसी की बायोपिक नहीं है, लेकिन किरदारों और घटनाओं की झलकियों ने दर्शकों को 90 के दशक के चर्चित नाम हुसैन उस्तारा और सपना दीदी की याद दिला दी है।
सिनेमा और अंडरवर्ल्ड का पुराना रिश्ता
मुंबई का अंडरवर्ल्ड, जो कभी डोंगरी की गलियों से संचालित होता था और बाद में दुबई तक फैला, हिंदी फिल्मों के लिए लंबे समय से प्रेरणा का स्रोत रहा है। वफादारी, धोखा, प्यार और हिंसा—इन सबका मिश्रण पर्दे पर गहरी छाप छोड़ता है। ‘ओ रोमियो’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। शाहिद कपूर का किरदार एक बेरहम हिटमैन का है, जिसकी जिंदगी तब बदलती है जब वह अफ्शा से प्रेम करने लगता है। रोमांस और क्राइम का यह संगम दर्शकों को खासा आकर्षित कर रहा है।
टीजर में शाहिद का किरदार खून से सना, अंदरूनी संघर्ष से जूझता और भावनात्मक रूप से टूटा हुआ दिखाई देता है। यही लेयरिंग लोगों को हुसैन उस्तारा की वास्तविक कहानी से जोड़ने पर मजबूर कर रही है। हालांकि फिल्म की टीम इसे काल्पनिक बता रही है, लेकिन समानताओं पर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही।
सपना दीदी की कहानी
हुसैन उस्तारा का नाम अक्सर सपना दीदी के साथ लिया जाता है। सपना दीदी की जिंदगी बदले की कहानी मानी जाती है। उनके पति महमूद खान की हत्या अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों ने कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने खुद को मजबूत बनाकर उसी दुनिया में कदम रखा। कहा जाता है कि इस सफर में हुसैन उस्तारा ने उनकी मदद की और उन्हें फिजिकल ट्रेनिंग, बाइक राइडिंग और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी।
सपना दीदी का नाम उस कथित साजिश से भी जुड़ा रहा, जिसमें शारजाह में क्रिकेट मैच के दौरान दाऊद इब्राहिम को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि यह प्लान सफल नहीं हो सका। साल 1994 में सपना दीदी की हत्या कर दी गई, जिससे यह अध्याय एक दुखद अंत तक पहुंचा।
किताबों से पर्दे तक
हुसैन उस्तारा और सपना दीदी के बारे में कई जानकारियां क्राइम जर्नलिज्म के जरिए सामने आईं। लेखक एस. हुसैन जैदी की चर्चित किताब Dongri to Dubai में मुंबई अंडरवर्ल्ड के कई किरदारों का जिक्र है, जिनमें ये नाम भी शामिल हैं। अब ‘ओ रोमियो’ के जरिए यह कहानी नए अंदाज में दर्शकों तक पहुंचने जा रही है।
फिलहाल फिल्म की रिलीज का इंतजार किया जा रहा है। दर्शकों के बीच उत्सुकता इस बात को लेकर है कि क्या ‘ओ रोमियो’ सिर्फ एक काल्पनिक प्रेम-कहानी है या फिर इसमें अतीत की सच्चाइयों की गूंज भी सुनाई देगी।

