6 Apr 2026, Mon

ODI World Cup 2027: मेजबान होकर भी मेहमान जैसा संघर्ष, ICC टूर्नामेंट में किस टीम का खेलना बना टेढ़ी खीर

वनडे विश्व कप 2027: मेजबान नामीबिया पर मंडरा रहा बाहर होने का खतरा

अगले साल होने वाले आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2027 को लेकर जहां दुनिया भर की टीमें तैयारी में जुटी हैं, वहीं एक हैरान करने वाली स्थिति सामने आई है। इस बार टूर्नामेंट के सह-मेजबान नामीबिया पर ही विश्व कप से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। क्रिकेट इतिहास में ऐसा शायद पहली बार हो सकता है जब कोई मेजबान देश ही टूर्नामेंट में खेलने से चूक जाए।

दरअसल, इस बार विश्व कप की मेजबानी तीन देश मिलकर कर रहे हैं—दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया। जहां दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे टूर्नामेंट में एंट्री मिल गई है, वहीं नामीबिया को अब भी क्वालीफिकेशन की कठिन राह से गुजरना पड़ रहा है।

इस असमान स्थिति की वजह आईसीसी की सदस्यता प्रणाली है। दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के फुल मेंबर हैं, इसलिए उन्हें सीधे विश्व कप में जगह मिलती है। वहीं, नामीबिया एक एसोसिएट सदस्य है, जिसके कारण उसे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 और क्वालीफायर मुकाबलों के जरिए अपनी जगह बनानी होती है।

मौजूदा हालात नामीबिया के लिए काफी चिंताजनक हैं। लीग 2 की अंक तालिका में टीम इस समय छठे स्थान पर है। नामीबिया ने अब तक 25 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से सिर्फ 9 में जीत हासिल की है, जबकि 15 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। टीम के पास कुल 19 अंक हैं और उसका नेट रन रेट भी नकारात्मक है, जो उसकी स्थिति को और कमजोर बनाता है।

वहीं दूसरी ओर, शीर्ष चार स्थानों पर अमेरिका, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स और ओमान की टीमें काबिज हैं। चौथे स्थान पर मौजूद ओमान के पास 27 अंक हैं, जो नामीबिया से 8 अंक ज्यादा हैं। ऐसे में सीधे क्वालीफाई करना नामीबिया के लिए बेहद मुश्किल नजर आ रहा है।

हालांकि, नामीबिया के लिए उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। टीम के पास क्वालीफायर प्ले-ऑफ के जरिए एक और मौका रहेगा। इस चरण में उसे उभरती टीमों जैसे जर्सी और पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ मुकाबले खेलने होंगे। लेकिन अगर नामीबिया इस मौके को भी भुना नहीं पाती है, तो उसे विश्व कप 2027 से बाहर होना पड़ सकता है।

आज यानी 6 अप्रैल को नामीबिया का अहम मुकाबला स्कॉटलैंड के खिलाफ होना है। यह मैच टीम के लिए ‘करो या मरो’ जैसा है। अगर नामीबिया इस मुकाबले में जीत दर्ज करती है, तो उसकी उम्मीदें जिंदा रहेंगी, लेकिन हार की स्थिति में उसके लिए आगे का रास्ता लगभग बंद हो सकता है।

कुल मिलाकर, यह स्थिति क्रिकेट जगत के लिए बेहद असामान्य और ऐतिहासिक हो सकती है। अब सबकी निगाहें नामीबिया के प्रदर्शन पर टिकी हैं कि क्या वह इस चुनौती से पार पाकर अपने ही घर में होने वाले विश्व कप में जगह बना पाएगी या नहीं।

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