ODI World Cup Records: जानिए विश्व कप इतिहास के सबसे तेज शतक लगाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज
वनडे विश्व कप 2027 को लेकर क्रिकेट फैंस में अभी से उत्साह बढ़ने लगा है। इस बीच, अगर हम इतिहास के पन्ने पलटें तो कई ऐसे रिकॉर्ड सामने आते हैं, जो आज भी रोमांचित कर देते हैं। इनमें सबसे खास है विश्व कप में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड। यह उपलब्धि कुछ चुनिंदा बल्लेबाजों ने ही हासिल की है, और इनकी पारियां आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा हैं।
इस सूची में सबसे ऊपर नाम आता है ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज Glenn Maxwell का। उन्होंने ICC Cricket World Cup 2023 में नीदरलैंड्स के खिलाफ दिल्ली में महज 40 गेंदों पर शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। मैक्सवेल ने उस मैच में 106 रन की तूफानी पारी खेली थी। यह अब तक विश्व कप इतिहास का सबसे तेज शतक है और इसे तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के Aiden Markram का नाम आता है। उन्होंने भी 2023 विश्व कप में ही श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ 49 गेंदों में शतक ठोक दिया था। उनकी यह 106 रन की पारी भी दिल्ली में ही आई थी। खास बात यह रही कि 2023 विश्व कप के दौरान दिल्ली का मैदान रिकॉर्ड्स का गवाह बना, जहां दो सबसे तेज शतक देखने को मिले।
तीसरे नंबर पर आयरलैंड के Kevin O’Brien हैं, जिन्होंने 2011 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 50 गेंदों में शतक लगाया था। बेंगलुरु में खेली गई उनकी 113 रन की पारी को आज भी विश्व कप इतिहास की सबसे शानदार पारियों में गिना जाता है। यह मुकाबला आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत के लिए भी जाना जाता है।
चौथे स्थान पर फिर से Glenn Maxwell का नाम आता है। उन्होंने ICC Cricket World Cup 2015 में श्रीलंका के खिलाफ 51 गेंदों में शतक जड़ा था। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेली गई इस पारी में उन्होंने 102 रन बनाए थे और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया था।
पांचवें नंबर पर दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज AB de Villiers का नाम शामिल है। उन्होंने 2015 विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ 52 गेंदों में शतक लगाया था। सिडनी में खेली गई इस पारी में डिविलियर्स ने अपनी क्लास और आक्रामकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
इन रिकॉर्ड्स की खास बात यह है कि इनमें से तीन सबसे तेज शतक भारत में ही लगे हैं, जो इस बात को दर्शाता है कि यहां की पिचें बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रही हैं। साथ ही, इस सूची में मैक्सवेल का नाम दो बार आना उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण है।
जैसे-जैसे अगला विश्व कप करीब आ रहा है, फैंस को उम्मीद है कि कोई नया खिलाड़ी इन रिकॉर्ड्स को चुनौती देगा। हालांकि, मौजूदा समय में ये उपलब्धियां क्रिकेट इतिहास में एक खास स्थान रखती हैं और आने वाले वर्षों तक चर्चा में बनी रहेंगी।

