उत्तर प्रदेश के Noida और Gautam Buddha Nagar जिले में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है। पिछले चार दिनों से जारी यह आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उन्हें बेहद कम वेतन मिल रहा है, जिससे मौजूदा महंगाई के दौर में जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। कई श्रमिकों का दावा है कि उन्हें महीने में करीब 10,000 रुपये ही मिलते हैं, जबकि घर का किराया, भोजन और अन्य जरूरी खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने का फैसला किया।
सोमवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और कुछ जगहों पर लाठीचार्ज भी किया। इसके जवाब में नाराज प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। कुछ गाड़ियों को आग लगा दी गई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
इस विरोध प्रदर्शन का असर ट्रैफिक पर भी पड़ा है। DND Flyway पर भारी जाम लग गया, क्योंकि Chilla Border को एहतियातन बंद कर दिया गया। इससे दिल्ली और नोएडा के बीच आने-जाने वाले हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में शामिल मजदूर मुख्य रूप से संगठित क्षेत्र की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि कई कंपनियां श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रही हैं और कर्मचारियों को समय पर वेतन, ओवरटाइम का भुगतान और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
इस बीच, जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन देना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, ओवरटाइम करने वाले कर्मचारियों को दोगुना भुगतान करने और सैलरी स्लिप देना अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन ने त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को बोनस देने का भी निर्देश दिया है, जिसका भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा हो सके।
जिलाधिकारी ने मजदूरों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह मामला अब श्रमिक अधिकारों और औद्योगिक संबंधों के लिए एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर जल्द समाधान की जरूरत है।

