जेवर/नोएडा: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों का 25 साल पुराना सपना आखिरकार सोमवार को साकार हो गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से पहली कमर्शियल उड़ान के संचालन के साथ ही क्षेत्र के विकास का एक नया अध्याय शुरू हो गया। लंबे समय से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब हकीकत बन चुकी है। एयरपोर्ट से पहली व्यावसायिक उड़ान के रवाना होने के साथ ही जेवर का नाम देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल हो गया है।
इस ऐतिहासिक अवसर को और भी खास बनाने के लिए पहली उड़ान में उन 172 किसानों को शामिल किया गया, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। इंडिगो की यह विशेष फ्लाइट जेवर से लखनऊ के लिए रवाना हुई। किसानों की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को भावनात्मक और यादगार बना दिया। एयरपोर्ट परियोजना को सफल बनाने में किसानों के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से यह पहल की गई।
सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली इंडिगो की पहली फ्लाइट सफलतापूर्वक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी। इसके बाद यात्रियों के साथ पहली कमर्शियल फ्लाइट लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस प्रकार एयरपोर्ट पर नियमित विमान सेवाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। उन्होंने इसे भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के आर्थिक विकास का नया इंजन साबित होगा। मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पीछे हजारों लोगों की मेहनत और किसानों का त्याग शामिल है, इसलिए पहली उड़ान में उन्हें सम्मानपूर्वक शामिल किया गया।
उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में नोएडा एयरपोर्ट से चार प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की गई हैं। लखनऊ के अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद और अमृतसर के लिए भी नियमित विमान सेवाएं उपलब्ध होंगी। आने वाले महीनों में अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकते हैं।
यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए बस, मेट्रो और रेल नेटवर्क के विस्तार पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। भविष्य में यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा बनेगा, जिससे सड़क, रेल और हवाई यात्रा को एक साथ जोड़ा जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली कमर्शियल उड़ान केवल एक विमान सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और नए अवसरों की उड़ान का प्रतीक भी है। यह दिन क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा।

