NASA Artemis II Mission: चंद्रमा के ‘डार्क साइड’ से लौटे अंतरिक्ष यात्री, टूटा अपोलो युग का रिकॉर्ड
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के Artemis II मिशन ने अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने न केवल चंद्रमा के उस हिस्से को करीब से देखा जिसे आमतौर पर “डार्क साइड” कहा जाता है, बल्कि मानव अंतरिक्ष उड़ान के इतिहास में सबसे अधिक दूरी तय करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
अपोलो 13 का रिकॉर्ड टूटा
आर्टेमिस II मिशन ने Apollo 13 का 50 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 1970 में अपोलो 13 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से लगभग 4,00,171 किलोमीटर की दूरी तय की थी। अब आर्टेमिस II मिशन ने इस सीमा को पार करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अपोलो कार्यक्रम के बाद पहली बार इंसानों को चंद्रमा के इतने करीब भेजा गया है।
चंद्रमा के अनदेखे हिस्से की झलक
इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के उस हिस्से को देखा, जिसे पृथ्वी से सीधे नहीं देखा जा सकता। करीब 7 घंटे तक चले इस महत्वपूर्ण चरण में अंतरिक्ष यात्रियों ने कई दुर्लभ और अद्भुत दृश्य देखे। मिशन के पायलट विक्टर ग्लोवर के अनुसार, चंद्रमा की सतह पर मौजूद कुछ पहाड़ियां इतनी चमकदार दिखाई दे रही थीं मानो उन पर बर्फ जमी हो।
एक ही फ्रेम में पृथ्वी और चंद्रमा
मिशन की एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि अंतरिक्ष यात्रियों ने एक ही फ्रेम में पृथ्वी और चंद्रमा दोनों को कैद किया। यह दृश्य न केवल वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम लोगों के लिए भी बेहद रोमांचक और प्रेरणादायक है। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री लगातार ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल को अपडेट्स भेजते रहे।
अंतरिक्ष यात्रियों के भावुक पल
मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल थे। कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि बिना किसी उपकरण के आंखों से चंद्रमा को देखना एक अविश्वसनीय अनुभव था। उन्होंने इसे “रोमांचकारी” और “अद्भुत” बताया।
रिकॉर्ड बनाने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर दो नए क्रेटर के नाम रखने का प्रस्ताव भी रखा। एक का नाम ‘इंटेग्रिटी’ और दूसरे का नाम मिशन कमांडर रीड वाइजमैन की दिवंगत पत्नी ‘कैरल’ के नाम पर रखने की इच्छा जताई गई। इस दौरान कमांडर वाइजमैन भावुक हो गए और टीम के सभी सदस्य एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए।
भविष्य के मिशन की तैयारी
आर्टेमिस II मिशन, Artemis program का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आने वाले वर्षों में इंसानों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारना है। यह क्षेत्र वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां पानी के बर्फ के रूप में मौजूद होने की संभावना है।
निष्कर्ष
आर्टेमिस II मिशन ने न केवल तकनीकी उपलब्धियों का नया इतिहास रचा है, बल्कि यह भी साबित किया है कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण का अगला युग शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यह मिशन चंद्रमा और उससे आगे के अंतरिक्ष अभियानों की दिशा तय करेगा।

