पश्चिम एशिया में तनाव: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग जारी, कूटनीतिक समाधान मुश्किल
तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी संघर्ष कूटनीतिक समाधान से दूर नजर आ रहा है। गुरुवार को ईरान ने अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव को खारिज करते हुए अपना काउंटर प्रस्ताव अमेरिका को भेजा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत से जल्द हल निकलने की संभावना नहीं है।
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कहा कि ईरान अभी भी अमेरिका के साथ डील की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, ईरानी नेतृत्व समझौता करना चाहती है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और आंतरिक दबाव के चलते वह खुलकर सामने नहीं आ पा रही है।
अरब देशों की अपील
इस बीच, खाड़ी देशों ने ईरान और उसके समर्थित गुटों से खाड़ी क्षेत्रों पर हमले रोकने की अपील की। पांच खाड़ी देशों और जॉर्डन ने संयुक्त बयान जारी करके कहा कि चाहे हमले सीधे ईरान द्वारा हों या उसके समर्थित गुटों द्वारा, सभी प्रकार के हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
जमीनी हालात और हमले
मध्य-पूर्व में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजरायल के कई शहरों, खासकर तेल अवीव और मध्य क्षेत्रों में सायरन बजते रहे। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रॉकेट अटैक लेबनान स्थित हिज़्बुल्लाह की ओर से हो सकता है। गनीमत रही कि इस हमले में अब तक किसी जनहानि की खबर नहीं आई।
गल्फ क्षेत्र में भी हालात बिगड़े हुए हैं। बहरीन की राजधानी मनामा के मुहर्रक इलाके में आग लगी, जो बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास है। अधिकारियों ने आग को नियंत्रित करने के प्रयासों की जानकारी दी और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ईरान पर अमेरिकी हमले
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने बताया कि अब तक अमेरिकी सेना ने ईरान के 10,000 से ज्यादा ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। अमेरिकी नेवी के एडमिरल Brad Cooper ने कहा कि इन हमलों ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचाया है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों के हमलों से ईरानी नेवी के 92 प्रतिशत बड़े जहाज नष्ट हो चुके हैं।
सेंट्रल कमांड ने यह भी दावा किया कि ईरान के दो-तिहाई से ज्यादा गोला-बारूद कारखाने, मिसाइल और ड्रोन प्रोडक्शन फैसिलिटी तथा शिपयार्ड को तबाह कर दिया गया है। अमेरिकी अधिकारी कहते हैं कि उनकी कार्रवाई अभी रुकेगी नहीं और ईरानी सैन्य निर्माण तंत्र को पूरी तरह निष्प्रभावी करने की योजना है।
इस्फहान पर बड़ा अटैक
गुरुवार तड़के ईरान के इस्फहान इलाके में बड़ा अटैक हुआ। इस्फहान, ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 330 किलोमीटर दक्षिण में है और यहां मुख्य वायु सेना अड्डा तथा अन्य सैन्य स्थल मौजूद हैं। पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिन चले संघर्ष में भी अमेरिका ने इसी इलाके के परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी।
निष्कर्ष
पश्चिम एशिया में सैन्य और कूटनीतिक अस्थिरता दोनों जारी हैं। एक तरफ सीजफायर को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं, वहीं हमलों का सिलसिला भी रुकने का नाम नहीं ले रहा। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या बातचीत से किसी तरह का समाधान निकल पाएगा या हालात और बिगड़ेंगे।

