टेक डेस्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड तकनीक पर तेजी से निवेश कर रही एक बड़ी अमेरिकी टेक कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। इस कार्यक्रम के तहत भारत समेत चार देशों में करीब 60 हजार कर्मचारी पात्र हो सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है। यह एक स्वैच्छिक योजना है, जिसके तहत पात्र कर्मचारी निर्धारित शर्तों पर कंपनी छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और नई तकनीकों पर भारी निवेश कर रही हैं। इस बदलाव के बीच कंपनियां अपने कर्मचारियों की जरूरतों और कामकाज के तरीकों की भी समीक्षा कर रही हैं।
चार देशों के कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर
यह स्वैच्छिक एग्जिट योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी की चुनिंदा टीमों के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं।
भारत में कंपनी के लगभग 23 हजार कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन इनमें से कितने लोग इस ऑफर के पात्र होंगे, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत में पात्र कर्मचारियों को ऑफर स्वीकार करने या अस्वीकार करने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया जाएगा।
यह सुविधा सभी कर्मचारियों के लिए नहीं होगी। कंपनी के चुनिंदा विभागों में निर्धारित स्तर तक के पात्र कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल सकेगा।
नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा?
स्वैच्छिक एग्जिट योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक सहायता और करियर से जुड़ी सेवाएं दी जाएंगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पैकेज में कंपनी में पूरे किए गए प्रत्येक सेवा वर्ष के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन से संबंधित सहायता शामिल हो सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ कर्मचारी की पात्रता और कंपनी की ओर से तय शर्तों पर निर्भर करेगा।
पात्र कर्मचारियों को ईमेल के माध्यम से योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके बाद वे अपनी परिस्थितियों और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला ले सकेंगे।
कंपनी ने क्यों शुरू की यह योजना?
कंपनी के मानव संसाधन विभाग के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन कर्मचारियों को सहयोग देना है, जो संगठन से बाहर करियर के नए अवसर तलाशना चाहते हैं। इसके साथ ही कंपनी को बदलती व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार अपने कामकाज और कर्मचारियों की संख्या में बदलाव करने का विकल्प भी मिलेगा।
योजना सभी विभागों में समान रूप से लागू नहीं होगी। इसे लागू करने का फैसला कारोबार की जरूरतों, ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धताओं और संबंधित टीमों की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
भारत में AI पर बड़ा निवेश
एक ओर कंपनी स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रही है, वहीं दूसरी ओर भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़े निवेश की योजना पर भी काम कर रही है।
कंपनी ने 2025 से 2029 के बीच भारत में 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस निवेश का उद्देश्य क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल प्रशिक्षण तथा अन्य परिचालन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में दो करोड़ लोगों को AI से जुड़ी स्किल सिखाना भी है।
कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दिखाता है कि टेक सेक्टर में AI के बढ़ते प्रभाव के साथ कंपनियों की निवेश प्राथमिकताओं और कार्यबल की जरूरतों में बदलाव हो रहा है। हालांकि, स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर को सभी कर्मचारियों की अनिवार्य छंटनी के रूप में देखना सही नहीं होगा।

