IRCTC ने एलपीजी संकट के बीच यात्रियों के लिए उठाया कदम, खाने की वैकल्पिक व्यवस्था लागू 🛤️🍽️
देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर अब भारतीय रेल की खानपान सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट और LNG सप्लाई में रुकावट के चलते कई जगहों पर रेस्टोरेंट और ट्रेनों में भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी स्थिति को देखते हुए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने अस्थायी कदम उठाए हैं।
ट्रेनों और स्टेशनों पर निर्देश
IRCTC ने अपने कैटरिंग लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि रेलवे स्टेशनों पर स्थित फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार आउटलेट्स में वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जाए। इसका मकसद यह है कि यात्रियों को भोजन में किसी भी तरह की बाधा न आए। जिन यात्रियों ने पहले से ट्रेनों में भोजन बुक किया है, उनके लिए रिफंड की संभावना भी बनाई जा रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, IRCTC के बेस किचन पर इस संकट का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। इन किचनों में लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जिसे बाद में पेंट्री कारों में लोड किया जाता है। पेंट्री कारों में आमतौर पर एलपीजी सिलेंडर नहीं होते, लेकिन बेस किचन में खाना बनने में समस्या आने से पूरे वितरण चक्र पर असर पड़ रहा है।
वैकल्पिक उपाय और तैयारी
10 मार्च को जारी एक पत्र में IRCTC ने स्पष्ट किया कि अगर एलपीजी की कमी बनी रहती है, तो फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार आउटलेट्स वैकल्पिक ईंधन या अन्य तरीकों से खाना पकाने की व्यवस्था अपनाएं। इसका मकसद यात्रियों को खाने की सुविधा में किसी तरह की परेशानी न होने देना है।
IRCTC की ओर से कहा गया कि कंटिन्जेंसी प्लान लागू करने की जरूरत है ताकि ट्रेनों में भोजन की सेवा प्रभावित न हो। इस कदम से यात्रियों को एलपीजी संकट के बावजूद भरोसेमंद सेवा मिलेगी।
रेस्टोरेंट और होटल एसोशिएशन की चिंता
इससे पहले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भी चिंता जताई थी कि बेंगलुरु, पुणे और मुंबई जैसे शहरों में कमर्शियल एलपीजी की कमी से काम प्रभावित हो सकता है। NRAI के प्रेसिडेंट सागर दरयानी ने बताया कि कई रेस्टोरेंट लिमिटेड मेन्यू या अलग-अलग समय पर काम करने पर विचार कर रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अगर वैकल्पिक उपाय समय पर लागू किए जाएं, तो यात्रियों को खाने में कोई रुकावट नहीं आएगी और एलपीजी संकट का असर रेलवे खानपान सेवाओं पर न्यूनतम रहेगा।
भविष्य की तैयारियां
IRCTC ने स्पष्ट किया कि ट्रेनों में पका हुआ भोजन अस्थायी रूप से परोसने की सेवा बंद करने और रिफंड देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, फूड प्लाजा और आउटलेट्स में अल्टरनेट ईंधन के इस्तेमाल से यात्रियों को पूरी सुविधा देने का प्रबंध किया जाएगा।
एलपीजी संकट के बीच यह कदम यात्रियों के लिए राहत देने वाला साबित होगा और रेलवे की खानपान सेवाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद करेगा।

