1 Apr 2026, Wed

LPG Price: कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में जोरदार बढ़ोतरी, जानें प्रमुख शहरों में कीमत, घरेलू Cylinder का क्या रहा?

एलपीजी सिलेंडर महंगा: कॉमर्शियल गैस के दाम बढ़े, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत जारी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अब भारत के बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों पर खर्च का दबाव बढ़ गया है। हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत दी गई है, क्योंकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली में सिलेंडर की नई कीमत

1 अप्रैल 2026 से दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत 1883 रुपये थी, यानी करीब 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर की गई है।

अन्य महानगरों में कीमतें

देश के अन्य बड़े शहरों में भी कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में इजाफा हुआ है—

  • मुंबई में अब कीमत 2031 रुपये हो गई है, जो पहले 1835 रुपये थी (196 रुपये की बढ़ोतरी)
  • कोलकाता में कीमत बढ़कर 2208 रुपये हो गई है, जो पहले 1990 रुपये थी (218 रुपये की बढ़ोतरी)
  • चेन्नई में अब सिलेंडर 2246.50 रुपये का हो गया है, जो पहले 2043.50 रुपये था (203 रुपये की बढ़ोतरी)

इस बढ़ोतरी से देशभर में होटल, कैटरिंग और छोटे व्यवसायों की लागत पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

लगातार बढ़ते दाम

यह पहली बार नहीं है जब कॉमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़े हैं। इससे पहले 1 मार्च 2026 को भी 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी से व्यवसायियों की चिंता बढ़ती जा रही है।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

हालांकि, आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये प्रति सिलेंडर बनी हुई है। इससे घरेलू बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

कीमतों में बदलाव का कारण

एलपीजी और एटीएफ (एयर टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में संशोधन हर महीने की पहली तारीख को किया जाता है। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर के आधार पर होता है। इस प्रक्रिया में सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited अहम भूमिका निभाती हैं।

वैश्विक तनाव का असर

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का खतरा भी बना रहता है, जिससे आम जनता और कारोबार दोनों प्रभावित होते हैं।

आगे की स्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

फिलहाल, कॉमर्शियल गैस के बढ़े हुए दाम व्यवसायिक क्षेत्र के लिए चुनौती बने हुए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है। आने वाले समय में सरकार और तेल कंपनियों के फैसले पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *