LPG संकट के बीच देशभर में लंबी कतारें, कई शहरों में घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग गैस एजेंसियों के बाहर देर रात से ही लाइन में लगने को मजबूर हैं। कहीं सुबह 3 बजे से ही लोग टॉर्च की रोशनी में कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं, तो कहीं तीन-तीन दिन तक इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इन परिस्थितियों ने आम लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
सुबह 3 बजे से लाइन में लगने को मजबूर लोग
उत्तर प्रदेश के Noida से सामने आई तस्वीरें इस संकट की गंभीरता को दिखाती हैं। यहां गैस गोदाम के बाहर सैकड़ों लोग रात से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आए। बताया जा रहा है कि करीब 300 से अधिक लोग सुबह 3 बजे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
कई लोगों का कहना है कि वे पिछले दो-तीन दिनों से लगातार गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक भरा हुआ सिलेंडर नहीं मिल पाया है। कुछ लोगों ने तो सिलेंडर लेने के लिए अपनी नौकरी या ड्यूटी से छुट्टी भी ले ली है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी
एलपीजी की कमी के कारण घरेलू रसोई का कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई परिवारों को खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोग इलेक्ट्रिक कुकर, इंडक्शन चूल्हा या लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति ज्यादा दिनों तक बनी रही तो इसका असर घरों के साथ-साथ छोटे होटल, ढाबे और खानपान से जुड़े व्यवसायों पर भी पड़ सकता है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
देश में एलपीजी संकट को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने इसे “फूड इमरजेंसी” जैसी स्थिति बताते हुए कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आम जनता को और बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार को पहले से इस तरह की संभावित स्थिति का अंदेशा होना चाहिए था और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखनी चाहिए थी।
सरकार का दावा – कोई कमी नहीं
हालांकि सरकार की ओर से इन दावों को खारिज किया गया है। Ministry of Petroleum and Natural Gas का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
सरकार का कहना है कि सप्लाई चेन में कुछ अस्थायी व्यवधान के कारण कुछ क्षेत्रों में देरी हो सकती है, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ज्यादा सिलेंडर स्टॉक न करें।
आगे क्या हो सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आपूर्ति की रफ्तार तेज नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खासकर बड़े शहरों में गैस की मांग ज्यादा होने के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार और संबंधित एजेंसियां सप्लाई को सामान्य बनाने के प्रयास में लगी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि यह संकट अस्थायी है या फिर इससे निपटने के लिए बड़े कदम उठाने की जरूरत पड़ेगी।

