भारत में तेल और LPG की सप्लाई सुरक्षित, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच नहीं है घबराने की जरूरत 🛢️⛽
वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत में तेल और एलपीजी (LPG) की सप्लाई को लेकर लोगों के मन में चिंता बढ़ गई है। हालांकि सरकार और संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
भारत में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रित
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत अपनी जरूरत का कच्चा तेल लगभग 40 अलग-अलग देशों से आयात करता है। इस वजह से सप्लाई किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं रहती। भारत की कुल कच्चे तेल की खपत लगभग 189 मिलियन मीट्रिक टन है और रोजाना लगभग 55 लाख बैरल तेल की जरूरत पड़ती है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि हालात के बावजूद तेल की सप्लाई लगातार जारी है और हाल ही में दो कच्चे तेल के कार्गो भारत के लिए रवाना हो चुके हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम
भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए सप्लाई के अलग-अलग रास्ते बनाए हैं। वर्तमान में करीब 70 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य मार्गों से भारत पहुंच रहा है। इसका मतलब है कि क्षेत्रीय तनाव का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर बहुत कम पड़ता है।
सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि घरेलू PNG और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG की सप्लाई भी पूरी तरह सामान्य है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण कुछ सप्लाई पर असर पड़ा है, लेकिन देश में जरूरी सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है।
LPG सिलेंडर की डिलीवरी ढाई दिन में
लोगों के सवालों का जवाब देते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के लिए कोई घबराहट की जरूरत नहीं है। बुकिंग के बाद लगभग ढाई दिन में सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण समय जरूर है, लेकिन भारत में ऊर्जा सप्लाई की स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है।
होर्मुज में भारतीय जहाजों की स्थिति
होर्मुज क्षेत्र में भारत के कुल 28 जहाज मौजूद हैं। इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में हैं, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक तैनात हैं। वहीं, 4 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्वी हिस्से में हैं, जिन पर 11 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
सुजाता शर्मा ने कहा कि इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। भारत ने ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए कई विकल्प तैयार किए हैं, जिससे वैश्विक तनाव का घरेलू बाजार पर असर न्यूनतम रहे।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत में तेल और एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और सिलेंडर डिलीवरी में देरी नहीं होने दी जा रही है। नागरिकों को घबराने की बजाय सकारात्मक और जागरूक रहने की सलाह दी गई है।

