28 Mar 2026, Sat

LPG की ना करें चिंता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर पहुंचा जग वसंत, सऊदी अरब से आ रहा ALAIN जहाज

LPG Supply Update: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, LPG से भरे जहाज पहुंचे देश

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और Iran, Israel तथा United States के बीच संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी और तेल की कोई कमी नहीं है। हाल ही में एलपीजी से लदे जहाजों के सुरक्षित भारत पहुंचने से सप्लाई को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम हो गई है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के लिए एलपीजी लेकर आने वाला टैंकर जहाज “जग वसंत” सफलतापूर्वक देश पहुंच चुका है। यह जहाज करीब 47,000 टन एलपीजी लेकर आया है। शुक्रवार रात Vadinar Port पर लंगर डालने के बाद शनिवार दोपहर 3:45 बजे से इस गैस को “एमटी रोज” नामक दूसरे जहाज में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जानकारी के अनुसार, इसमें से लगभग 17,000 टन गैस एमटी रोज को ट्रांसफर की जाएगी, जो आगे इसे Kandla Port तक लेकर जाएगा।

हालांकि, “जग वसंत” जहाज आगे किस पोर्ट की ओर जाएगा, इस बारे में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी अगली यात्रा स्थिति और जरूरत के अनुसार तय की जाएगी।

इसी बीच एक और बड़ी खेप भारत पहुंचने वाली है। “एलन” नाम का दूसरा जहाज Yanbu (सऊदी अरब) से रवाना होकर अदन की खाड़ी पार करते हुए रविवार सुबह Mundra Port पहुंचेगा। यह जहाज करीब 48,000 टन एलपीजी लेकर आ रहा है, जिसमें से 28,000 टन गैस मुंद्रा में उतारी जाएगी। इसके बाद शेष 20,000 टन एलपीजी लेकर यह जहाज Mangalore Port के लिए रवाना होगा।

ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह घटनाक्रम भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्गों पर खतरा बना हुआ है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख मार्ग है, और यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर सीधे ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने भारतीय जहाजों को इस संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दे दी है, जिससे भारत को बड़ी राहत मिली है। इससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सप्लाई फिलहाल सुरक्षित बनी हुई है।

केंद्र सरकार लगातार यह आश्वासन दे रही है कि देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए वैकल्पिक सप्लाई चैन और स्टॉक मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में स्थिति और बिगड़ती है, तो भविष्य में सप्लाई पर असर पड़ सकता है, लेकिन फिलहाल भारत ने अपनी तैयारी मजबूत रखी है। विभिन्न स्रोतों से आयात और रणनीतिक भंडारण के कारण देश ऊर्जा संकट से निपटने में सक्षम दिखाई दे रहा है।

कुल मिलाकर, एलपीजी से भरे जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच एक सकारात्मक संकेत है। इससे आम लोगों के लिए गैस सप्लाई को लेकर बनी चिंता में राहत मिलने की उम्मीद है।

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