मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों की अहम बैठक दिल्ली में शुरू हो गई है। नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हो रही इस बैठक में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों, SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
बैठक में कई बड़े नेता पहुंचे
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी बताई गई है। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच साझा रणनीति तैयार करना है।
विपक्षी दल SIR के दौरान मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चिंताएं हैं। वहीं, चुनाव आयोग का पक्ष है कि चुनावी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी और संवैधानिक नियमों के तहत संचालित की जाती है। ऐसे में बैठक के दौरान इन मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी
बैठक का एक अहम मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की रणनीति भी है। विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में उनके खिलाफ हटाने संबंधी प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए विपक्षी सांसदों से समर्थन और हस्ताक्षर जुटाने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
विपक्षी दल चुनाव आयोग के कामकाज, SIR और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM तथा VVPAT से जुड़े सवालों को भी बैठक में उठा सकते हैं। इसके साथ ही इन मुद्दों को संसद के अलावा जनता के बीच ले जाने और आगे विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।
अखिलेश, केजरीवाल और स्टालिन बैठक से दूर
इस बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव खुद शामिल नहीं हुए हैं। उनकी जगह पार्टी की ओर से दो सांसदों को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसी तरह आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी बैठक में शामिल नहीं हुए हैं।
हालांकि, कुछ प्रमुख दलों और नेताओं की गैरमौजूदगी के बावजूद विपक्षी दल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में आगे की राजनीतिक और संसदीय कार्रवाई को लेकर सहमति बनाने पर जोर रहेगा।
बड़े आंदोलन की भी बन सकती है रणनीति
विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। बैठक में संसद में प्रस्ताव लाने के अलावा देशभर में विरोध प्रदर्शन और संयुक्त अभियान चलाने की योजना पर भी चर्चा हो सकती है।
ऐसे में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हो रही यह बैठक विपक्ष की आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों से आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और विपक्ष के आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।

