10 Jun 2026, Wed

KPIT Technologies के फाउंडर और चेयरमैन रवि पंडित का निधन, 15 देशों में बिजनेस करती है कंपनी

टेक्नोलॉजी और ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर सेक्टर की प्रमुख कंपनी KPIT Technologies के फाउंडर और चेयरमैन रवि पंडित का शुक्रवार सुबह पुणे में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। उनके निधन से टेक और इंडस्ट्री जगत में शोक की लहर है।

कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वे अपने संस्थापक और बोर्ड के चेयरमैन के निधन से “बेहद दुखी” हैं। रवि पंडित न सिर्फ एक सफल उद्यमी थे, बल्कि उन्होंने भारत में टेक्नोलॉजी आधारित ट्रांसपोर्टेशन सॉल्यूशंस को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाई।

30 साल से अधिक का शानदार करियर

रवि पंडित का करियर 30 वर्षों से भी ज्यादा लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने भारत और विदेशों में टेक्नोलॉजी-आधारित परिवहन समाधानों और सस्टेनेबिलिटी पहलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे एक स्वर्ण पदक विजेता चार्टर्ड अकाउंटेंट थे और अमेरिका के MIT स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के पूर्व छात्र भी रहे।

उन्होंने प्रोफेशनल सर्विस फर्म किरतने एंड पंडित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (KPCA) में भी प्रमुख भूमिका निभाई। वर्तमान में KPIT Technologies दुनिया के 15 देशों में अपनी सेवाएं दे रही है, जो उनके नेतृत्व और विजन को दर्शाता है।

समाज और नीति निर्माण में भी सक्रिय भूमिका

रवि पंडित केवल कॉर्पोरेट जगत तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे कई सामाजिक, शैक्षणिक और नीति निर्माण संस्थानों से भी जुड़े रहे। उन्होंने पुणे इंटरनेशनल सेंटर और जनवाणी जैसे संगठनों की सह-स्थापना की थी।

वे गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट से भी जुड़े रहे और सामाजिक संगठन ज्ञान प्रबोधिनी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

इसके अलावा वे थर्मैक्स लिमिटेड, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया और आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के बोर्ड सदस्य भी रहे।

उद्योग जगत में बड़ा योगदान

रवि पंडित ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय उद्योग का प्रतिनिधित्व किया। वे मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर के अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा उन्होंने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिसर्च काउंसिल की अध्यक्षता भी की।

वे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के सशक्त समूह में निजी क्षेत्र के एकमात्र सदस्य थे। हाल ही में उन्होंने “HRIDAY” (Hydrogen Revolution for Inclusive Development for Agriculture and Energy in India) पहल को भी आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देना है।

रवि पंडित का निधन भारतीय टेक्नोलॉजी और उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान को आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।

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