7 Apr 2026, Tue

Kedarnath Dham Yatra 2026: जल्द खुलने वाले हैं बाबा केदारनाथ के कपाट, जानें कब से शुरू होगी केदारनाथ धाम की यात्रा

Kedarnath Dham Yatra 2026: 22 अप्रैल से खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, श्रद्धालुओं में उत्साह

केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की यात्रा का इंतजार कर रहे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्ष 2026 के लिए केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गई है। इस पवित्र धाम के दर्शन के लिए हर साल लाखों भक्त कठिन यात्रा कर यहां पहुंचते हैं और बाबा केदार के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, केदारनाथ ज्योतिर्लिंग, सबसे ऊंचाई पर स्थित माना जाता है। यह पवित्र स्थल उत्तराखंड के चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा है, जिसमें बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री (Badrinath, Gangotri, Yamunotri) भी शामिल हैं। केदारनाथ धाम की यात्रा बेहद कठिन मानी जाती है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था इतनी प्रबल होती है कि वे हर चुनौती को पार कर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और अगले लगभग छह महीने तक यहां दर्शन संभव नहीं होते। इस दौरान बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल, ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में की जाती है। इस वर्ष 2026 में केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे, जिससे भक्तों के लिए यात्रा का मार्ग फिर से खुल जाएगा।

जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इससे पहले भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली, जो ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर (Omkareshwar Temple Ukhimath) में विराजमान रहती है, पैदल मार्ग से केदारनाथ धाम तक लाई जाएगी। इस डोली में भगवान केदारनाथ की चांदी की भोग मूर्ति विराजमान होती है, जिसे पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ धाम तक पहुंचाया जाता है।

पिछले वर्ष 2025 में केदारनाथ मंदिर के कपाट 2 मई को खोले गए थे और 23 अक्टूबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। हर साल की तरह इस बार भी कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की शुरुआत मानी जाएगी, जिससे पूरे देश से श्रद्धालु केदारनाथ धाम की ओर रुख करेंगे।

केदारनाथ धाम की यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करती है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच स्थित यह पवित्र धाम भक्तों को अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव कराता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से बाबा केदार के दर्शन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की रौनक बढ़ जाएगी। प्रशासन और तीर्थयात्रा से जुड़े विभाग यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। रास्तों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अब जब 22 अप्रैल 2026 का दिन नजदीक आ रहा है, तो भक्तों में उत्साह और बढ़ गया है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस पावन अवसर पर बाबा केदारनाथ के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाने के लिए तैयार हैं।

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