Israel Iran War Updates: ईरान-इजरायल संघर्ष तेज, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर फिर हमला, ट्रंप की शांति कोशिशें जारी
मिडिल ईस्ट में जारी इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। युद्ध के 26वें दिन हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं, जब Ben Gurion Airport पर एक बार फिर हमला किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में भारी नुकसान और तबाही देखी गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयास तेज हो रहे हैं।
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump लगातार कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं। ट्रंप ने “5 डे नो अटैक” नीति के तहत संघर्ष को रोकने और ईरान के साथ समझौता कर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिशें शुरू की हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि ईरान समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरान के मिसाइल हमलों में तेजी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इजरायल के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की 80वीं लहर शुरू करने की घोषणा की है। ईरान ने दावा किया है कि उसने विभिन्न सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया है। इसके साथ ही ईरान ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले करने की बात कही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान की ओर से यह भी दावा किया गया है कि उसने अमेरिका के युद्धपोत USS Abraham Lincoln को भी निशाना बनाया है। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विस्फोट जैसे दृश्य दिखाई देते हैं। ईरान का कहना है कि वह लगातार अमेरिकी और इजरायली गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
ईरान की रणनीति और बयान
ईरान की सैन्य कमांड ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर एक सुरक्षा गठबंधन बनाया जाए, जिसमें अमेरिका और इजरायल की भागीदारी न हो। ईरान का कहना है कि वह अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है।
अमेरिका-ईरान बातचीत और डिप्लोमैसी
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर भी चर्चा तेज है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है और ईरान समझौते के लिए इच्छुक दिखाई दे रहा है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह सीधे कुछ अमेरिकी नेताओं से बातचीत नहीं करना चाहता और वह कुछ विशेष प्रतिनिधियों के साथ ही संवाद को प्राथमिकता देगा।
ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ संभावित डील में ऊर्जा क्षेत्र, खासकर तेल और गैस से जुड़े समझौते शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस पूरे मसले पर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
जवाबी कार्रवाई और बढ़ता तनाव
इजरायल की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की जा रही है। इजरायली सेना ने ईरान के मिसाइल लॉन्चिंग साइट्स और कुछ प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया है। दोनों पक्षों के बीच लगातार हमलों और जवाबी हमलों के चलते स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी खतरे की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
निष्कर्ष
इजरायल और ईरान के बीच जारी यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन चुका है। जहां एक ओर मिसाइल हमले और सैन्य कार्रवाई जारी हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए शांति स्थापित करने की कोशिशें भी हो रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या तनाव और बढ़ता है।

