3 Mar 2026, Tue

Israel US Iran War Live Updates: ईरान ने परमाणु संवर्धन पर जोर दिया, हमने उन्हें रास्ते में ही खत्म कर दियाः ट्रंप के विशेष दूत विटकॉफ

Israel-US-Iran War Live: 48 घंटे में भड़का मध्य पूर्व, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ जारी

तेहरान/यरूशलेम/वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को 48 घंटे से अधिक हो चुके हैं और पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया है, जिसे उन्होंने अब तक का सबसे बड़ा और जटिल सैन्य अभियान बताया।

हमले की वजह क्या?

ट्रंप के विशेष दूत Steve Witkoff ने कहा कि ईरान परमाणु ईंधन संवर्धन के “अविभाज्य अधिकार” पर अड़ा हुआ था। उनके मुताबिक, अमेरिका ने साफ कर दिया था कि वह ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से पहले ही रोक देगा। विटकॉफ ने कहा कि इसी नीति के तहत ऑपरेशन की शुरुआत की गई।

वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने दोहराया कि जब तक ईरान को परमाणु हथियारों की क्षमता से पूरी तरह वंचित नहीं कर दिया जाता, तब तक अमेरिका पीछे नहीं हटेगा।

ईरान का पलटवार

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागी गई हैं। इसके अलावा रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किए जाने का दावा किया गया है। हमले के बाद दूतावास परिसर से धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरान ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 15 से अधिक देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी वायुसेना ने ईरान से आए दो लड़ाकू विमानों को अपनी हवाई सीमा में घुसने पर मार गिराया। साथ ही सात बैलिस्टिक मिसाइलों और पांच ड्रोनों को भी इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया है।

इजरायल और अमेरिका का रुख

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए जरूरी थी। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से इजरायल के अस्तित्व के लिए खतरा बना हुआ था।

अमेरिका की ओर से भी सख्त बयान आए हैं। ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी रहेगा और अमेरिका अपने सैनिकों की मौत का बदला लेकर रहेगा। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि “अंजाम जल्द सामने होगा।”

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने आरोप लगाया है कि अमेरिका, इजरायल के “चुनावी युद्ध” में शामिल हुआ है और इस संघर्ष की जिम्मेदारी इजरायल पर है।

इस बीच NATO के महासचिव Mark Rutte ने स्पष्ट किया है कि नाटो इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा।

सड़कों पर विरोध

न्यूयॉर्क में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और ईरान पर हमले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दुनिया को युद्ध नहीं, शांति और आर्थिक स्थिरता की जरूरत है।

मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच वैश्विक समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा या कूटनीतिक रास्ता निकलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *