इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध: 34वें दिन भीषण संघर्ष जारी, ट्रंप ने ‘रिजीम चेंज’ का किया दावा
मिडिल ईस्ट में जारी Israel–Iran और United States के बीच युद्ध अब 34वें दिन में पहुंच गया है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दुनिया को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में अपना मिशन पूरा कर लिया है और वहां “रिजीम चेंज” कर दिया गया है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों से ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की शीर्ष नेतृत्व प्रणाली पूरी तरह खत्म कर दी गई है और उसके सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता को भी लगभग समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया है, जिससे अब वह वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा नहीं रहा।
ट्रंप ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” का जिक्र करते हुए कहा कि यह अभियान अभी जारी है और अगले 2 से 3 हफ्तों में युद्ध पूरी तरह समाप्त हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने सिर्फ 32 दिनों में अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल कर लिए, जबकि पहले के युद्ध वर्षों तक चले थे।
हालांकि जमीनी हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर 400 से अधिक हमले किए हैं। इनमें Isfahan स्थित परमाणु केंद्र भी शामिल है, जहां बड़े विस्फोट की खबरें सामने आई हैं।
दूसरी ओर, ईरान समर्थित संगठन Hezbollah ने इजरायली ठिकानों पर रॉकेट हमले तेज कर दिए हैं। इसके अलावा ईरान ने भी इजरायल के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे देश में सायरन बज रहे हैं और लोगों में भय का माहौल है।
युद्ध के बीच एक और चिंताजनक खबर सामने आई है, जिसमें ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल हमले में 21 लोगों की मौत की बात कही जा रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी सोशल मीडिया पर एक तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की स्थिति को “पाषाण युग में वापसी” जैसा बताया, जिससे युद्ध की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ट्रंप ने अपने भाषण में Strait of Hormuz का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका को इस अहम समुद्री मार्ग की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल और गैस संसाधन हैं और अब दुनिया को तय करना होगा कि इस जलडमरूमध्य को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक पत्र जारी कर कहा है कि उनका देश किसी के लिए खतरा नहीं है और वह संघर्ष को बढ़ाना नहीं चाहता।
कुल मिलाकर, भले ही अमेरिका युद्ध में बढ़त का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर संघर्ष अभी भी जारी है और क्षेत्र में शांति की संभावना फिलहाल दूर नजर आ रही है।

