Israel–Lebanon Conflict: इजरायली हमले में हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के भतीजे की मौत का दावा, आईडीएफ का बड़ा बयान
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Israel Defense Forces (IDF) ने दावा किया है कि लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए ताजा हवाई हमले में Hezbollah के प्रमुख Naim Qassem के भतीजे अली यूसुफ हरशी की मौत हो गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव के बीच Iran और United States के बीच सीजफायर की स्थिति बनी हुई है।
आईडीएफ ने अपने आधिकारिक पोस्ट में जानकारी देते हुए कहा कि बेरूत में किए गए इस ऑपरेशन के दौरान हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस हमले में नईम कासिम के निजी सचिव और उनके भतीजे अली यूसुफ हरशी को भी मार गिराने का दावा किया गया है। आईडीएफ के मुताबिक, हरशी संगठन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था और कासिम के बेहद करीबी सहयोगियों में से एक था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Naim Qassem को हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख Hassan Nasrallah की हत्या के बाद संगठन की कमान सौंपी गई थी। नईम कासिम पहले संगठन में डिप्टी चीफ के पद पर कार्यरत थे और बाद में उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई। इजरायली हमले के दौरान कासिम को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी तरह सुरक्षित बच निकले।
आईडीएफ ने अपने बयान में आगे कहा कि इस ऑपरेशन के तहत बेरूत के साथ-साथ लेबनान के अन्य इलाकों में भी कई हमले किए गए। इनमें दो महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पॉइंट्स को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह द्वारा हथियारों की आवाजाही के लिए किया जाता था। बताया गया है कि इन रास्तों के जरिए रॉकेट, हथियार और लॉन्चर दक्षिणी और उत्तरी लितानी क्षेत्रों में ट्रांसफर किए जाते थे।
इसके अलावा, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में लगभग 10 हथियार भंडारण सुविधाओं, लॉन्च पैड्स और कमांड सेंटरों पर भी हमला करने का दावा किया है। इन ठिकानों को हिजबुल्लाह के ऑपरेशनों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, Hezbollah या लेबनान सरकार की तरफ से अभी तक इस हमले और दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर बेरूत से धुएं के गुबार उठने की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। पहले से ही ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और इजरायल-लेबनान संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है। यदि हिजबुल्लाह की ओर से जवाबी कार्रवाई की जाती है, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह संघर्ष किस दिशा में जाता है और क्या सीजफायर पर इसका कोई असर पड़ता है या नहीं।

