इजरायल-अमेरिका-ईरान सीजफायर पर संकट, लेबनान हमलों से बढ़ा तनाव
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ दो हफ्तों का सीजफायर अभी पूरी तरह लागू भी नहीं हो पाया है कि हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई इलाकों से सीजफायर उल्लंघन की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे इस समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
लेबनान बना विवाद की सबसे बड़ी वजह
सीजफायर के बावजूद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में सैकड़ों लोग मारे गए, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरान ने इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताया है, जबकि अमेरिका और इजरायल का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। यही मुद्दा अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है।
ट्रंप और जेडी वेंस का बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की 10 शर्तों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहा है।
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इन शर्तों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे ये प्रस्ताव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया हो। उनके इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद
तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इस रास्ते से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है, इसलिए इसका बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।
हिजबुल्लाह का जवाबी हमला
इजरायल के हमलों के बाद लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट हमले किए हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। ब्रिटेन ने भी मांग की है कि सीजफायर में लेबनान को शामिल किया जाए, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके। वहीं, दुनिया भर में लोग स्थायी युद्धविराम की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजनीतिक और सैन्य बयानबाजी तेज
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि उनके देश ने इस संघर्ष में बड़ी सफलता हासिल की है और जरूरत पड़ने पर वह कार्रवाई जारी रखेंगे। दूसरी तरफ, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर उसके हितों को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह कड़ा जवाब देगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, इजरायल-अमेरिका-ईरान के बीच हुआ यह सीजफायर बेहद नाजुक स्थिति में है। लेबनान में जारी हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना और दोनों पक्षों के तीखे बयान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं।
अगर जल्द ही कूटनीतिक स्तर पर समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संघर्ष एक बार फिर बड़े युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

