मिसाइल हमलों के बीच फर्डोसी स्क्वायर में दिखे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, जनता ने किया स्वागत
तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन शुक्रवार को तेहरान के फर्डोसी स्क्वायर में कुद्स डे रैली के दौरान लोगों के बीच दिखाई दिए। मिसाइल हमलों और तनावपूर्ण हालात के बीच उनकी यह सार्वजनिक मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। राज्य मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च किया और भीड़ के बीच जाकर लोगों से बातचीत की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब लोगों ने राष्ट्रपति को अपने बीच देखा तो वे उत्साहित हो उठे। कई नागरिकों ने उनका स्वागत किया, कुछ ने सेल्फी ली और तस्वीरें खिंचवाईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उन्हें फिलिस्तीन समर्थक नारों के बीच मार्च करते हुए देखा गया। रैली के दौरान “इज़रायल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” जैसे नारे भी लगाए जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि फर्डोसी स्क्वायर के आसपास उस समय विस्फोट और मिसाइल हमलों की घटनाएं भी हुईं। वीडियो में धुआं उठता दिखाई दिया, हालांकि इन घटनाओं के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद रैली जारी रही और बड़ी संख्या में लोग मौके पर डटे रहे। सुरक्षा बलों की मौजूदगी भी देखी गई।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने बाद में अस्पताल जाकर युद्ध में घायल लोगों से मुलाकात की। उन्होंने हाल ही में बयान दिया था कि ईरान पड़ोसी देशों के खिलाफ हमले नहीं करेगा, लेकिन यदि देश की सुरक्षा पर खतरा होगा तो जवाब देना उसका अधिकार है। उनकी यह सार्वजनिक उपस्थिति ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में सैन्य तनाव बना हुआ है।
इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह जनता के बीच मौजूद रहना राजनीतिक और प्रतीकात्मक संदेश देता है, जो देश के भीतर एकजुटता को दर्शाता है। वहीं सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे माहौल में नेताओं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। समर्थक इसे साहस और नेतृत्व का उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र में जारी तनाव और हमलों के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
फिलहाल तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर चिंता जता रहा है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम के कूटनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।

