Iran-US War: ट्रंप ने ईरान हमले के लिए रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को ठहराया जिम्मेदार, प्रेसवार्ता में दिया बयान
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक प्रेसवार्ता के दौरान अपने रक्षा सचिव Pete Hegseth पर ईरान पर हमले का जिम्मेदार ठहराते हुए विवादित बयान दिया है।
प्रेसवार्ता में ट्रंप का बयान
प्रेसवार्ता के दौरान ट्रंप ने अपने बगल में बैठे रक्षा सचिव की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान पर हमले का सुझाव पहले हेगसेथ की ओर से दिया गया था। ट्रंप ने कहा, “पेटे, मुझे लगता है तुमने ही कहा था—‘चलो कर देते हैं।’” उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद माहौल थोड़ा असहज नजर आया और हेगसेथ शांत बैठे रहे।
युद्ध के बीच बढ़ता तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी यह संघर्ष अब 25वें दिन में पहुंच चुका है। अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा हमले जारी हैं, वहीं ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
हेगसेथ की भूमिका और रुख
Pete Hegseth को इस पूरे घटनाक्रम में एक आक्रामक समर्थक माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों के मजबूत पक्षधर रहे हैं। उन्होंने पहले भी बयान दिया था कि अमेरिका निर्णायक और प्रभावी तरीके से जीत हासिल कर रहा है।
हालांकि, वे खुद को “अपरिभाषित युद्धों” का विरोधी बताते रहे हैं, लेकिन हालिया बयान और रुख उनके आक्रामक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
कौन हैं पीट हेगसेथ?
पीट हेगसेथ ने जनवरी में ट्रंप कैबिनेट में रक्षा सचिव के रूप में शपथ ली थी। उनकी नियुक्ति सीनेट में बेहद करीबी मतों से पास हुई थी, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का टाई-ब्रेकर वोट निर्णायक रहा।
हेगसेथ का जन्म 6 जून 1980 को मिनेसोटा में हुआ था। उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में पढ़ाई की और आर्मी नेशनल गार्ड में सेवा दी। वे इराक और अफगानिस्तान में तैनात रह चुके हैं और उन्हें ब्रॉन्ज स्टार से सम्मानित किया गया है।
राजनीति और मीडिया में आने से पहले वे फॉक्स न्यूज से जुड़े थे और वहां एक लोकप्रिय होस्ट के रूप में काम कर चुके हैं। नवंबर 2024 में उन्हें रक्षा सचिव के रूप में चुना गया।
विवाद और राजनीतिक दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप का बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के खर्च और ऊर्जा संकट के चलते ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इस तरह के बयान आंतरिक मतभेद और रणनीतिक असहमतियों की ओर भी इशारा करते हैं।
निष्कर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष न सिर्फ सैन्य स्तर पर बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी नई जटिलताओं को जन्म दे रहा है। ट्रंप का यह बयान उनके प्रशासन के भीतर की स्थिति को उजागर करता है और आने वाले समय में इस युद्ध के रुख पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

