6 Apr 2026, Mon

Iran US War live updates: तेहरान में भीषण बमबारी, रिहायशी इमारत पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत, शरीफ यूनिवर्सिटी को बनाया निशाना

तेहरान पर तेज़ हमले: रिहायशी इलाकों में बमबारी, 13 लोगों की मौत

मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। तेहरान में हाल ही में हुई भीषण बमबारी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हवाई हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें आम नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला तेहरान के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थित एक रिहायशी इमारत पर किया गया। इस हमले ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रातभर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं और आसमान में लड़ाकू विमानों की गूंज कई घंटों तक बनी रही।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई समय-सीमा के समाप्त होने के करीब आते ही सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। माना जा रहा है कि यह दबाव रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश की जा रही है।

हमलों का एक बड़ा निशाना तेहरान की प्रतिष्ठित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी भी रही। ईरानी मीडिया के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर पर सिलसिलेवार हवाई हमले किए गए, जिससे इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, परिसर के पास स्थित एक प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र भी प्रभावित हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस यूनिवर्सिटी को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि इसका संबंध ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से रहा है, जो कि रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में है। यही वजह है कि यह संस्थान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।

दूसरी ओर, तेहरान के अलावा दक्षिणी शहर कोम में भी हमले की खबरें सामने आई हैं, जहां एक रिहायशी इलाके में एयर स्ट्राइक में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इस हमले का सटीक लक्ष्य अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इसी बीच, गाजा पट्टी में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बाद से अब तक 700 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। लगातार हो रही हिंसा ने क्षेत्रीय शांति की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ इस संघर्ष को रोकने के लिए दो चरणों वाली शांति योजना पर काम कर रहे हैं। पहले चरण में 45 दिनों के सीज़फायर का प्रस्ताव है, जिसके दौरान स्थायी समाधान के लिए बातचीत की जाएगी। यदि प्रगति होती है, तो इस युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, मौजूदा हालात बेहद नाजुक हैं। तेहरान और आसपास के इलाकों में जारी हमलों ने यह संकेत दे दिया है कि संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस बढ़ते तनाव को कम कर पाएंगे या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *