1 Apr 2026, Wed

Iran-Israel-US war: भारत को बड़ी राहत! तीन हफ्ते से फंसे LPG टैंकर ने चालाकी से होर्मुज किया पार

युद्ध के बीच सुरक्षित लौटा भारतीय LPG टैंकर: होर्मुज पार करने की रोमांचक कहानी

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी (LPG) से भरा जहाज आखिरकार खतरनाक जलमार्ग Strait of Hormuz को सुरक्षित पार कर भारत की ओर बढ़ गया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब इस क्षेत्र में लगातार हमलों और तनाव के कारण अधिकांश जहाज फंसे हुए हैं।

यह जहाज Pine Gas नाम का एलपीजी टैंकर है, जो संयुक्त अरब अमीरात के रुवैस पोर्ट से भारत के लिए रवाना हुआ था। आमतौर पर यह सफर एक हफ्ते में पूरा हो जाता है, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण इस बार इसे तीन हफ्ते का समय लग गया।

तीन हफ्तों तक डर के साये में क्रू

इस जहाज पर कुल 27 क्रू मेंबर्स मौजूद थे, जिन्होंने लगभग तीन हफ्ते तक भयावह हालात का सामना किया। जहाज के चीफ ऑफिसर Sohan Lal ने बताया कि इस दौरान हर दिन उनके ऊपर से मिसाइलें और ड्रोन गुजरते थे। क्रू मेंबर्स लगातार खतरे के बीच काम कर रहे थे और हर पल उन्हें अपनी जान का डर सता रहा था।

उन्होंने बताया कि 11 मार्च के आसपास उन्हें रवाना होने के लिए तैयार रहने को कहा गया था, लेकिन युद्ध की तीव्रता के कारण जहाज को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिल सकी। अंततः 23 मार्च को जहाज को आगे बढ़ने की इजाजत मिली।

बदले गए रास्ते से मिली राहत

इस मिशन की सबसे खास बात यह रही कि जहाज ने पारंपरिक होर्मुज मार्ग के बजाय एक वैकल्पिक रास्ते से सफर किया। ईरानी अधिकारियों ने जहाज को ईरान के तट से दूर Larak Island के उत्तर में एक संकरे चैनल से गुजरने की अनुमति दी।

सोहन लाल के अनुसार, मुख्य मार्ग पर बारूदी सुरंगों और सैन्य गतिविधियों का खतरा अधिक था। ऐसे में भारतीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने जहाज को सुरक्षित निकालने के लिए यह रणनीति अपनाई।

भारतीय नौसेना की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय नौसेना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। जहाज के सुरक्षित मार्गदर्शन के लिए नौसेना ने ओमान की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक करीब 20 घंटे तक सुरक्षा और निगरानी प्रदान की।

इस दौरान जहाज को हर संभावित खतरे से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। नौसेना की इस कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि जहाज सुरक्षित रूप से खतरे के क्षेत्र से बाहर निकल सके।

वैश्विक संकट के बीच राहत

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और तेल-गैस की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। ऐसे में इस जहाज का सुरक्षित भारत पहुंचना न केवल रणनीतिक बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जैसे संवेदनशील जलमार्ग से सुरक्षित गुजरना इस बात का संकेत है कि सही रणनीति और समन्वय से ऐसे जोखिम भरे हालात में भी सफलता पाई जा सकती है।

निष्कर्ष

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि संकट के समय में भारतीय एजेंसियों और नौसेना की भूमिका कितनी अहम होती है। युद्ध के खतरनाक माहौल के बावजूद भारतीय जहाज का सुरक्षित निकलना एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने देश को बड़ी राहत दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *