31 Mar 2026, Tue

Indian Railways: लापरवाही से होगा भारी नुकसान, 1 अप्रैल से बदलने जा रहा है टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड का नियम

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगे। इन नए नियमों का सीधा असर देश के करोड़ों रेल यात्रियों पर पड़ेगा। अब यात्रियों को टिकट कैंसिल करने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा सतर्क रहना होगा, क्योंकि देरी करने पर उन्हें रिफंड नहीं मिलेगा।

नए नियमों के अनुसार, यात्रियों को अब ट्रेन के प्रस्थान (डिपार्चर) समय से कम से कम 8 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल करना अनिवार्य होगा। अगर कोई यात्री इस समय सीमा का पालन नहीं करता है, तो उसे किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं दिया जाएगा। यह नियम खासकर उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो आखिरी समय में यात्रा योजना बदलते हैं।

इस बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि नए नियम यात्रियों को समय पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करेंगे और रेलवे की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।

नए नियमों के तहत रिफंड की व्यवस्था को भी तीन हिस्सों में बांटा गया है। अगर कोई यात्री ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे 100 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। वहीं, अगर टिकट 24 से 72 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो यात्री को 75 प्रतिशत राशि वापस मिलेगी और 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा।

इसी तरह, अगर टिकट 8 से 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो यात्री को केवल 50 प्रतिशत रिफंड मिलेगा और बाकी 50 प्रतिशत राशि काट ली जाएगी। लेकिन अगर टिकट प्रस्थान से 8 घंटे के अंदर कैंसिल किया गया, तो कोई भी रिफंड नहीं दिया जाएगा। यह नियम यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि छोटी सी देरी भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

पुराने नियमों की तुलना में यह बदलाव काफी सख्त माना जा रहा है। पहले यात्रियों को ट्रेन के प्रस्थान से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिल जाता था। अब इस समय सीमा को बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को पहले से योजना बनानी होगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य आखिरी समय में होने वाली कैंसिलेशन को कम करना है, जिससे अन्य यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। अक्सर देखा जाता है कि लोग अंतिम समय में टिकट कैंसिल कर देते हैं, जिससे खाली सीटों का सही उपयोग नहीं हो पाता।

यह नया नियम उन यात्रियों के लिए एक चेतावनी की तरह है जो बिना सोचे-समझे टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में कैंसिल कर देते हैं। अब उन्हें अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी, ताकि वे किसी भी वित्तीय नुकसान से बच सकें।

कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम यात्रियों की जिम्मेदारी बढ़ाने और सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हालांकि, इससे कुछ यात्रियों को असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह व्यवस्था रेलवे और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

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