भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): व्यापार और रोजगार के नए अवसरों की राह खुली
भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इस समझौते पर 24 अप्रैल को हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
समझौते के अनुसार, भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर न्यूजीलैंड के बाजार में जीरो-टैरिफ पहुंच मिलेगी। इसका मतलब है कि भारतीय उत्पाद बिना किसी शुल्क के न्यूजीलैंड में बेचे जा सकेंगे, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। वहीं, न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले 95 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ या तो खत्म कर दिया जाएगा या फिर कम किया जाएगा। इसमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं।
यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय किसानों और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। भारत ने दूध, क्रीम, व्हे, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों के साथ-साथ प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा है, ताकि घरेलू बाजार पर नकारात्मक असर न पड़े।
वहीं, न्यूजीलैंड को भी भारत से भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और 95 प्रतिशत से अधिक वन और लकड़ी उत्पादों पर जीरो-टैरिफ पहुंच मिलेगी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे और आपसी निर्भरता बढ़ेगी।
इस समझौते के तहत सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड ने घोषणा की है कि वह हर साल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 वीजा जारी करेगा। इन वीजा के जरिए भारतीय नागरिकों को अधिकतम 3 साल तक वहां काम करने का अवसर मिलेगा। इसमें आयुष डॉक्टर, योग ट्रेनर, शेफ, म्यूजिक टीचर जैसे पेशे शामिल होंगे। इसके अलावा आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और निर्माण क्षेत्र जैसे उच्च मांग वाले सेक्टरों के लिए भी रास्ता खुलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि दोनों देशों के बीच कौशल और ज्ञान के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा। इससे भारतीय पेशेवरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
व्यापारिक आंकड़ों की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तु व्यापार लगभग 1.3 अरब डॉलर का रहा। वहीं, वर्ष 2024 में कुल वस्तु और सेवा व्यापार लगभग 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें सेवाओं का हिस्सा करीब 1.24 अरब डॉलर था। पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रोफेशनल सेवाओं ने इस व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकार का लक्ष्य है कि इस समझौते के जरिए अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा, अगले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर का निवेश भी इस समझौते के माध्यम से आकर्षित होने की उम्मीद है।
यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

