Narendra Modi ने स्पेन और फिनलैंड के नेताओं से की द्विपक्षीय वार्ता, भारत-ईयू एफटीए को बताया ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत
नई दिल्ली। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्पेन के राष्ट्रपति Pedro Sánchez और फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भारत-यूरोप संबंधों में “स्वर्णिम युग” की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और करोड़ों लोगों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
स्पेन के साथ रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर जोर
स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के साथ बैठक को प्रधानमंत्री मोदी ने “उत्पादक” बताया। दोनों नेताओं ने भारत-स्पेन रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और एआई जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि भारत और स्पेन वर्ष 2026 को “भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और एआई वर्ष” के रूप में मना रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच जन-जन संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेन से विश्वविद्यालयों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जो शैक्षणिक और शोध सहयोग को नई दिशा देगा।
सांचेज ने भी X पर पोस्ट करते हुए भारत के साथ उत्कृष्ट संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने एआई के क्षेत्र में मानव-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया और एक्सपो के आयोजन के लिए भारत की सराहना की।
फिनलैंड के साथ 6जी और नवाचार पर चर्चा
फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओरपो के साथ हुई बैठक में तकनीक और नवाचार प्रमुख विषय रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ईयू एफटीए के समर्थन के लिए ओरपो का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
बैठक में 6जी तकनीक, डिजिटल नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, बायोफ्यूल और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने स्टार्टअप इकोसिस्टम और अनुसंधान साझेदारी को भी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026 का वैश्विक मंच
भारत मंडपम में आयोजित यह एक्सपो वैश्विक तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, अकादमिक संस्थानों और सरकारी प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है। इसमें 600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स और 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं।
समिट में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक वैश्विक एआई लीडर भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को इस भव्य आयोजन का उद्घाटन किया था और इसे भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक बताया।
भारत-ईयू एफटीए और इन द्विपक्षीय बैठकों को विशेषज्ञ भारत की वैश्विक कूटनीतिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

