6 Apr 2026, Mon

IIT बाबा’ यानी अभय सिंह शादी के बाद पत्नी के साथ पिता के चैंबर में पहुंचे, जानें कौन हैं उनकी हमसफर

IIT बाबा अभय सिंह की शादी का खुलासा, पत्नी के साथ आए नजर—नई जिंदगी और अध्यात्म की ओर बढ़ते कदम

महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए “IIT बाबा” के नाम से मशहूर अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी शादी है। हाल ही में अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ हरियाणा के झज्जर में अपने पिता के चैंबर में नजर आए, जिसके बाद उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कई बातें सामने आईं।

शादी का खुलासा

अभय सिंह, जिन्हें लोग “IIT बाबा” के नाम से जानते हैं, ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में शादी की थी। इसके बाद 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की। हालांकि, इस बात का खुलासा तब हुआ जब वे अपनी पत्नी के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आए।

पत्नी के साथ झज्जर पहुंचे

अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ झज्जर स्थित अपने पिता के चैंबर में पहुंचे। उनके पिता कर्ण सिंह एक वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान भी रह चुके हैं। इस दौरान अभय भगवा वस्त्रों में नजर आए और उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद किया।

पत्नी ने साझा किए विचार

अभय सिंह की पत्नी, जिनका नाम प्रतीका बताया जा रहा है, ने बताया कि दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अभय का सरल और सच्चा स्वभाव बेहद पसंद आया। प्रतीका मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं और पेशे से इंजीनियर हैं।

शादीशुदा जिंदगी कैसी चल रही है

अभय सिंह ने बताया कि वह और उनकी पत्नी अपनी नई जिंदगी में बेहद खुश हैं और एक सादगीपूर्ण जीवन जी रहे हैं। दोनों फिलहाल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं और अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

आध्यात्म और जीवन की यात्रा

अभय सिंह ने बताया कि आध्यात्म की ओर उनका रुझान धीरे-धीरे बढ़ा। इससे पहले वह अपने पिता के चैंबर में बैठकर कानूनी केस और एप्लीकेशन का अध्ययन करते थे। उन्होंने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और बाद में कनाडा में एक एयरोस्पेस कंपनी में नौकरी भी की।

बताया जाता है कि वह वहां लगभग 3 लाख रुपये मासिक वेतन पर कार्यरत थे, लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया। यह बदलाव उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ।

पत्नी का सपना

प्रतीका ने बताया कि उनका सपना है कि वे अभय सिंह के साथ मिलकर “सनातन यूनिवर्सिटी” की स्थापना करें। इस यूनिवर्सिटी का उद्देश्य अध्यात्म, सनातन संस्कृति और ज्ञान को बढ़ावा देना होगा, जहां गुरु और साधक एक साथ आकर अपने अनुभव साझा कर सकें।

मूल रूप से झज्जर से संबंध

अभय सिंह मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। उनके परिवार की पृष्ठभूमि शिक्षित और प्रतिष्ठित रही है, जहां से उन्होंने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा ली।

निष्कर्ष

IIT बाबा अभय सिंह का जीवन विज्ञान से आध्यात्म तक का एक अनोखा सफर है। शादी के बाद उनकी नई जिंदगी और भी दिलचस्प हो गई है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ मिलकर आध्यात्म और सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनकी कहानी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती जा रही है, जो यह दिखाती है कि जीवन में बदलाव और आत्म-खोज कभी भी संभव है।

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