हनुमान जयंती 2026: हनुमान जी को अर्पित करें ये प्रिय भोग, मिलेगा शुभ फल
हनुमान जयंती का पर्व हर साल चैत्र पूर्णिमा के दिन पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। वर्ष 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और बजरंगबली को उनके प्रिय भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
हनुमान जयंती के दिन पूजा के साथ-साथ भोग का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि यदि हनुमान जी को उनके पसंदीदा व्यंजन अर्पित किए जाएं, तो जीवन में सुख-समृद्धि, सफलता और संकटों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कि इस पावन दिन पर हनुमान जी को कौन-कौन से भोग अर्पित करने चाहिए।
खीर
खीर हनुमान जी के प्रिय भोगों में से एक मानी जाती है। हनुमान जयंती के दिन खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि खीर अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन में धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिरता आती है।
बूंदी के लड्डू
बूंदी के लड्डू भी हनुमान जी को बेहद प्रिय हैं। हनुमान जयंती के दिन बूंदी या बूंदी के लड्डू का भोग लगाने से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं और उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं।
गुड़ और चना
हनुमान जी को गुड़ और चना भी बहुत पसंद है। इस दिन गुड़-चना का भोग लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे अर्पित करने से कुंडली में मौजूद मंगल दोष के प्रभाव कम होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
बेसन के लड्डू
बेसन के लड्डू भी हनुमान जी के प्रिय भोगों में शामिल हैं। हनुमान जयंती के दिन बेसन के लड्डू चढ़ाने से संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
केला
फलों में केला हनुमान जी को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस दिन केला अर्पित करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
इमरती
इमरती भी हनुमान जी को अर्पित किए जाने वाले विशेष भोगों में से एक है। मान्यता है कि इमरती चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं।
चूरमा
राजस्थान और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में हनुमान जी को चूरमा का भोग लगाने की परंपरा है। गेहूं के आटे, घी और गुड़ या चीनी से बना चूरमा हनुमान जी को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इसे अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
तुलसी का महत्व
हनुमान जी को भोग अर्पित करते समय तुलसी दल का विशेष महत्व होता है। बिना तुलसी के भोग को पूर्ण नहीं माना जाता। इसलिए पूजा और भोग दोनों में तुलसी का पत्ता शामिल करना आवश्यक माना गया है।
हनुमान जयंती का पर्व भक्ति, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करने और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

