सोना-चांदी में जबरदस्त तेजी, एक हफ्ते में चांदी ₹13,000 और सोना ₹3,500 तक महंगा
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में बदलते हालात और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव में आ रही नरमी के बीच सोना और चांदी की कीमतों में बीते हफ्ते जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के तौर पर कीमती धातुओं में जमकर खरीदारी की, जिससे इनके दाम नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।
कीमतों में बड़ा उछाल
घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना करीब ₹1,52,690 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले ₹3,000 से अधिक की तेजी को दर्शाता है। वहीं चांदी ₹2,43,274 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जिसमें करीब ₹13,000 की बड़ी बढ़त दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। COMEX पर सोना $4,787 प्रति ट्रॉय औंस और चांदी $76.48 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर बंद हुई। यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का रुझान इन धातुओं की ओर बढ़ा है।
क्यों बढ़ी कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, United States और Iran के बीच लंबे समय से जारी तनाव में हालिया नरमी और सीजफायर की बातचीत ने बाजार को प्रभावित किया है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ।
डॉलर के कमजोर होने से सोना और चांदी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन जाते हैं, क्योंकि इनकी कीमतें डॉलर में तय होती हैं। ऐसे में जब डॉलर कमजोर होता है, तो इन धातुओं की मांग बढ़ जाती है।
फेड रेट कट की उम्मीद
एक और अहम वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीद है। तेल की कीमतों में गिरावट के चलते अमेरिका में महंगाई के दबाव में कमी आई है, जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि फेड आने वाले समय में ब्याज दरें घटा सकता है।
जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोना और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। यही कारण है कि निवेशक इन धातुओं की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
चांदी ने दी ज्यादा रिटर्न
इस बार चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। बीते हफ्ते में करीब 4.8% की तेजी के साथ चांदी ने बेहतर रिटर्न दिया है। इसकी वजह औद्योगिक मांग में वृद्धि और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और अन्य इंडस्ट्री में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे इसकी कीमतों को और सपोर्ट मिल रहा है।
आगे क्या रहेगा रुख?
बाजार जानकारों के अनुसार, फिलहाल सोना और चांदी की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, यह काफी हद तक अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक हालात और फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगा।
अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव फिर बढ़ता है या डॉलर और कमजोर होता है, तो सोना-चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि वैश्विक स्थिति स्थिर होती है तो कीमतों में कुछ ठहराव भी आ सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने सोना और चांदी को निवेशकों के लिए फिर से आकर्षक बना दिया है। आने वाले दिनों में इनकी कीमतों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि वैश्विक घटनाक्रम इन पर सीधा असर डाल रहे हैं।

