सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट: सोना ₹12,000 और चांदी ₹35,000 तक सस्ती, खरीदारों को राहत
देश के सर्राफा बाजार में पिछले एक महीने के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मार्च की शुरुआत में जहां सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे, वहीं अब इनकी कीमतों में आई तेज गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। इस गिरावट से आम ग्राहकों और निवेशकों दोनों को राहत मिली है और बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल बनने लगा है।
आंकड़ों के अनुसार, एक महीने पहले 4 मार्च को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी। हालांकि, अब यह गिरकर लगभग ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गई है। यानी सोने की कीमत में करीब ₹12,000 की कमी दर्ज की गई है। इसी तरह चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एक महीने पहले चांदी का भाव करीब ₹2.70 लाख प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम रह गया है। इस तरह चांदी में करीब ₹35,000 तक की गिरावट आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता ने बाजार को अस्थिर बनाया। इसके अलावा, हाल ही में कीमतों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना। वहीं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी इस गिरावट का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है, क्योंकि डॉलर मजबूत होने पर सोना-चांदी जैसे कीमती धातुओं की मांग कमजोर पड़ती है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह गिरावट उन लोगों के लिए एक अच्छा मौका हो सकती है, जो लंबे समय से सोने या चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे थे। खासकर शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए ज्वैलरी खरीदने वालों के लिए यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है।
हालांकि, जानकार यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेश करने से पहले बाजार के रुझानों पर नजर रखना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर वैश्विक राजनीति और आर्थिक संकेत, इन धातुओं की कीमतों को तेजी से प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।
सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता बनी रहती है तो कीमतों में और गिरावट संभव है, लेकिन किसी भी बड़े घटनाक्रम से कीमतें फिर से उछाल भी ले सकती हैं। कुल मिलाकर, मौजूदा स्थिति ने बाजार में संतुलन पैदा किया है और खरीदारों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है।

