मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में फंस चुकी है। इस फिल्म के टाइटल को लेकर सामाजिक और कानूनी विरोध शुरू हो गया है। हाल ही में द फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने फिल्म के टाइटल पर गंभीर आपत्ति जताई है। FWICE का कहना है कि इस तरह के टाइटल से सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है और यह किसी विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत कर सकता है।
फिल्म के खिलाफ पहले ही दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और लीगल नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। केंद्र ने फिल्म के टाइटल और प्रमोशनल कंटेंट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इसके तहत यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से फिल्म का टीजर तुरंत हटा दिया गया। नेटफ्लिक्स ने भी निर्देशों के अनुसार टीजर को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया।
FWICE ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि फिल्म निर्माता और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को ऐसे टाइटल्स का रजिस्ट्रेशन करने से बचना चाहिए, जिन्हें उत्तेजक या आपत्तिजनक माना जा सकता है। FWICE ने लिखा कि इस टाइटल से समाज में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं और विशेष समुदायों की पारंपरिक आजीविका को भी अपमानित किया जा सकता है।
FWICE ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि जाति, पंथ, धर्म या पेशे के आधार पर समाज में कोई विभाजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पेशे समान रूप से सम्मान के पात्र हैं और फिल्म उद्योग को अपने कंटेंट के माध्यम से नागरिकों में घृणा या अशांति फैलाने से बचना चाहिए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने कहा कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें इस्तेमाल किया गया ‘पंडत’ शब्द केवल एक सामान्य नाम और काल्पनिक पात्र के लिए है। उन्होंने कहा कि फिल्म किसी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी नहीं करती है। नीरज पांडे ने आगे कहा कि वह अपने काम की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं और इस फिल्म का मकसद केवल दर्शकों का मनोरंजन और सोचने पर मजबूर करना है।
फिल्म उद्योग में यह विवाद इस बात को उजागर करता है कि कंटेंट और टाइटल का चुनाव सामाजिक संवेदनाओं के लिहाज से कितना महत्वपूर्ण है। ‘घूसखोर पंडत’ केस इस बात की याद दिलाता है कि फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाती हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म का टाइटल बदला जाएगा या नहीं और दर्शक इसे कैसे स्वीकार करते हैं। फिलहाल, विवाद का असर फिल्म की रिलीज़ और प्रमोशनल गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है।

