24 Apr 2026, Fri

Gautam Adani ने मारी लंबी छलांग, मुकेश अंबानी के बाद अब बिल गेट्स को भी छोड़ा पीछे; 2026 में ₹2000000000000 से ज्यादा बढ़ी नेटवर्थ

Gautam Adani Net Worth: अडानी की संपत्ति में बड़ा उछाल, 100 अरब डॉलर क्लब में वापसी, बिल गेट्स को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली: भारतीय उद्योग जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां Gautam Adani ने एक बार फिर अपनी संपत्ति में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अडानी की नेटवर्थ में तेजी ने उन्हें न केवल 100 अरब डॉलर क्लब में वापस पहुंचा दिया है, बल्कि दुनिया के अमीरों की सूची में भी उनकी रैंकिंग मजबूत कर दी है।

Bloomberg Billionaires Index के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गौतम अडानी की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 7.16 अरब डॉलर (लगभग 59,000 करोड़ रुपये) की बढ़ोतरी हुई। इस उछाल के बाद उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर लगभग 106 अरब डॉलर (करीब 10 लाख करोड़ रुपये) हो गई है। इसके साथ ही अडानी दुनिया के अमीरों की सूची में 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

साल 2026 की बात करें तो अब तक अडानी की कुल संपत्ति में करीब 21.4 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का इजाफा हो चुका है। यह तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा Adani Group पर लगातार बना हुआ है। कंपनी के शेयरों में मजबूती और विभिन्न सेक्टर्स में विस्तार ने इस ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

बिल गेट्स को पछाड़ा
इस बड़ी छलांग के साथ गौतम अडानी ने Bill Gates को भी पीछे छोड़ दिया है। बिल गेट्स की मौजूदा नेटवर्थ लगभग 104 अरब डॉलर बताई जा रही है, जो अडानी से कम है। यह बदलाव वैश्विक अमीरों की सूची में एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।

मुकेश अंबानी से भी आगे
भारत के ही एक और बड़े उद्योगपति Mukesh Ambani की नेटवर्थ करीब 90.2 अरब डॉलर है, जिससे वह इस सूची में 20वें स्थान पर हैं। गौर करने वाली बात यह है कि अडानी पहले ही अंबानी से आगे निकल चुके हैं और अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं।

तेजी के पीछे क्या है कारण?
विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में आई मजबूती, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स में विस्तार और सरकार की नीतियों से मिल रहा समर्थन इस तेजी के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि ने भी कंपनी के मूल्यांकन को बढ़ाने में योगदान दिया है।

आगे क्या संकेत?
अडानी की संपत्ति में आई यह तेजी यह दर्शाती है कि भारतीय उद्योगपति वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन अडानी ग्रुप की लगातार बढ़ती वैल्यूएशन निवेशकों के विश्वास को मजबूत करती है।

कुल मिलाकर, गौतम अडानी की यह वापसी न केवल उनके बिजनेस साम्राज्य की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि भारत के बढ़ते आर्थिक प्रभाव का भी संकेत देती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अडानी अपनी इस रफ्तार को बनाए रख पाते हैं और वैश्विक अमीरों की सूची में और ऊपर चढ़ते हैं।

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