22 Mar 2026, Sun

FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली से बाजार में हड़कंप! दिसंबर में अब तक 22,864 करोड़ के शेयर बेच डाले

नई दिल्ली: दिसंबर की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों (FIIs) की बेचैनी साफ दिख रही है। जबकि घरेलू निवेशक हर गिरावट पर संभलने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं FIIs लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। दिसंबर के पहले पखवाड़े में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 22,864 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की है, जिससे बाजार में दबाव और निवेशकों में चिंता बढ़ी है।

🔹 फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर

डेटा के अनुसार, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर पर बिकवाली का सबसे ज्यादा दबाव रहा। दिसंबर के शुरुआती दो हफ्तों में FIIs ने इस सेक्टर में 6,516 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। नवंबर में भी इस सेक्टर से 3,100 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। लगातार बिकवाली की वजह से बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर दबाव बढ़ गया है।

🔹 IT और सर्विसेज सेक्टर में भी दबाव

फाइनेंशियल सेक्टर के बाद IT और सर्विसेज सेक्टर बिकवाली के बड़े शिकार रहे। दिसंबर के पहले आधे हिस्से में इन दोनों सेक्टरों में लगभग 3,300-3,300 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। नवंबर में IT सेक्टर में 5,794 करोड़ रुपये की और सर्विसेज सेक्टर से 980 करोड़ रुपये की बिकवाली दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर IT डिमांड का असर अब भी इन सेक्टरों पर बना हुआ है।

🔹 हेल्थकेयर, पावर और FMCG सेक्टर

हेल्थकेयर और पावर सेक्टर भी बिकवाली से अछूते नहीं रहे। FIIs ने हेल्थकेयर में 2,351 करोड़ रुपये और पावर सेक्टर में 2,118 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। FMCG सेक्टर में भी दबाव देखा गया, जहां दिसंबर में अब तक 1,419 करोड़ रुपये का आउटफ्लो दर्ज किया गया। कैपिटल गुड्स सेक्टर में नवंबर में खरीदार रहे FIIs दिसंबर में 1,218 करोड़ रुपये के नेट सेलर बन गए।

🔹 ऑयल एंड गैस, मेटल और ऑटो में खरीदारी

हर सेक्टर में बिकवाली नहीं रही। ऑयल एंड गैस सेक्टर में FIIs ने दिसंबर के पहले पखवाड़े में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इसके अलावा मेटल और ऑटो सेक्टर में सीमित लेकिन सकारात्मक निवेश देखा गया। टेलीकॉम सेक्टर में नवंबर की जबरदस्त खरीदारी के बाद दिसंबर में ट्रेंड उलट गया और FIIs ने 879 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

🔹 विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की सतर्कता वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, कमजोर मांग और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि से जुड़ी है। हालांकि, घरेलू निवेशक हर गिरावट पर अवसर तलाश रहे हैं, जिससे कुछ राहत मिल रही है।

निष्कर्ष

दिसंबर की शुरुआत में FIIs की बिकवाली से शेयर बाजार पर दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन कुछ सेक्टरों में सकारात्मक निवेश के संकेत भी देखे गए हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें।

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