12 Feb 2026, Thu

Explainer: 7 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल करेंगे Uber, Ola, Rapido के ड्राइवर्स, यात्रियों को बढ़ेंगी मुश्किलें; जानिए क्या है उनकी मांगे?

अगर आप रोजमर्रा की यात्रा के लिए Uber, Ola या Rapido जैसी ऐप-बेस्ड कैब सेवाओं पर निर्भर हैं, तो 7 फरवरी का दिन आपके लिए परेशानी भरा साबित हो सकता है। देशभर में इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े ड्राइवर एक साथ काम बंद करने जा रहे हैं।

ड्राइवर्स ने इस विरोध प्रदर्शन का नाम ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ रखा है। इसके तहत वे सभी ऐप-आधारित राइडिंग सेवाओं को बंद कर देंगे। इसका असर यात्रियों की दैनिक आवाजाही पर पड़ेगा, खासकर ऑफिस, एयरपोर्ट या किसी जरूरी काम के लिए जाने वालों के लिए।

क्या है ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’?

इस हड़ताल का आह्वान तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर किया है। यूनियन का कहना है कि ऐप-आधारित ड्राइवर लंबे समय से अनदेखी और शोषण का सामना कर रहे हैं। यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “कोई न्यूनतम किराया नहीं, कोई रेगुलेशन नहीं, अंतहीन शोषण।” यही वजह है कि ड्राइवर 7 फरवरी को काम ठप करने जा रहे हैं।

ड्राइवर हड़ताल पर क्यों जा रहे हैं?

ड्राइवरों का आरोप है कि Uber, Ola, Rapido और अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले चालकों के लिए सरकार द्वारा न्यूनतम किराया तय नहीं किया गया है। कंपनियां अपनी मर्जी से किराया तय करती हैं, जिससे ड्राइवरों की आमदनी अस्थिर होती है। यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कहा कि इस व्यवस्था के कारण ड्राइवरों को कम आमदनी, बढ़ते खर्च और असुरक्षित भविष्य का सामना करना पड़ रहा है।

उनका दावा है कि लाखों ड्राइवर गरीबी की कगार पर हैं, जबकि प्लेटफॉर्म कंपनियां लगातार मुनाफा कमा रही हैं।

ड्राइवरों की प्रमुख मांगें

ड्राइवर यूनियन ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025 का हवाला देते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मुख्य मांगें हैं:

  • न्यूनतम बेस किराया तय किया जाए: केंद्र और राज्य सरकारें ऐप-आधारित सेवाओं के लिए ड्राइवर यूनियनों के साथ परामर्श करके न्यूनतम किराया तय करें।

  • निजी वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल प्रतिबंधित हो: निजी वाहन कमर्शियल वाहनों में परिवर्तित हों।

  • ड्राइवरों की आजीविका सुरक्षित हो: किराया, कमीशन और इंसेंटिव सिस्टम पारदर्शी और स्थिर हों।

यात्रियों पर असर

7 फरवरी को हड़ताल के चलते Uber, Ola और Rapido की सेवाएं आंशिक या पूरी तरह बाधित हो सकती हैं। सुबह और शाम के पीक आवर्स में इसका असर ज्यादा दिखाई देगा। यात्रियों को मेट्रो, बस, लोकल ट्रेन या निजी वाहन जैसे वैकल्पिक साधनों की योजना पहले से बनानी होगी। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

आगे क्या?

यूनियन का दावा है कि यह हड़ताल पूरे भारत में होगी, हालांकि हर शहर में असर अलग हो सकता है। अगर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो यूनियन ने और बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

इस हड़ताल से यह स्पष्ट है कि ड्राइवरों की समस्याओं को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा, और यात्रियों को भी अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ेगा।

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