11 Apr 2026, Sat

Explainer: ईरान से पहले भी US Army ने अपने पायलट को बचाने के लिए लॉन्च किया था ऑपरेशन, जानिए क्या था पूरा मिशन

अमेरिकी सेना के साहसी रेस्क्यू मिशन: दुश्मन क्षेत्र से पायलट को सुरक्षित निकालने की कहानी

हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित निकालने की खबर ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचा है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी सेना ने दुश्मन देश के भीतर घुसकर अपने सैनिकों को बचाया हो। इससे पहले भी ऐसे कई खतरनाक और साहसी ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जो सैन्य इतिहास में मिसाल बन चुके हैं।

ऐसा ही एक यादगार मिशन 1995 के बोस्निया युद्ध के दौरान सामने आया था, जब अमेरिकी वायुसेना के कैप्टन स्कॉट ओ’ग्रेडी का F-16 लड़ाकू विमान दुश्मन सेना द्वारा मार गिराया गया था। विमान में मौजूद दोनों क्रू मेंबर — पायलट और हथियार सिस्टम अधिकारी — समय रहते विमान से इजेक्ट कर गए, लेकिन अलग-अलग जगहों पर गिरने के कारण वे एक-दूसरे से बिछड़ गए। जहां पायलट को कुछ घंटों में ही सुरक्षित बचा लिया गया, वहीं हथियार सिस्टम अधिकारी दुश्मन क्षेत्र में फंस गए।

दुश्मन इलाके में फंसे स्कॉट ओ’ग्रेडी के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—जिंदा रहना। उन्हें लगातार दुश्मन सैनिकों द्वारा खोजा जा रहा था, और इस दौरान वे जंगलों और पहाड़ियों में छिपकर अपने जीवन को बचाते रहे। उन्होंने अपनी सर्वाइवल ट्रेनिंग का भरपूर उपयोग किया और बेहद सावधानी से हर कदम उठाया।

स्कॉट ने छह दिनों तक भूख, प्यास और ठंड का सामना किया। इस दौरान उन्होंने चींटियां और पौधों के कुछ हिस्से खाकर खुद को जीवित रखा। पानी की कमी पूरी करने के लिए उन्होंने पेड़ की पत्तियों पर जमा बारिश का पानी पिया। यह सब करते हुए उन्होंने दुश्मन सैनिकों की नजरों से बचने के लिए दिन में छिपकर और रात में धीरे-धीरे आगे बढ़ना जारी रखा।

उनके पास एक सर्वाइवल रेडियो भी था, लेकिन उन्होंने उसे तुरंत इस्तेमाल नहीं किया। उन्हें डर था कि रेडियो चालू करते ही उनकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है। इसलिए उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय का इंतजार किया।

छठे दिन उन्होंने अपना रेडियो चालू किया और एक सिग्नल भेजा, जिसे उनके ऊपर से गुजर रहे नाटो के विमानों ने पकड़ लिया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने तुरंत एक बड़े बचाव अभियान की योजना बनाई। इस ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों की मदद ली गई, जो बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हुए दुश्मन के रडार से बचते हुए आगे बढ़े।

अमेरिकी नौसेना के जहाज USS Kearsarge को भी इस मिशन में शामिल किया गया। बचाव टीम बेहद सावधानी के साथ दुश्मन इलाके में दाखिल हुई और अंततः स्कॉट ओ’ग्रेडी को एक पहाड़ी इलाके से सुरक्षित निकाल लिया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टरों पर भारी गोलीबारी भी हुई, लेकिन टीम ने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

मिशन के बाद स्कॉट ओ’ग्रेडी को अमेरिका में एक हीरो के रूप में सम्मानित किया गया और उन्होंने व्हाइट हाउस का भी दौरा किया। तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें देश का नायक बताया।

यह घटना और हालिया ईरान से पायलट को बचाने की खबर इस बात का प्रमाण हैं कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। ऐसे ऑपरेशन न केवल सैन्य ताकत को दर्शाते हैं, बल्कि रणनीति, साहस और तकनीकी क्षमता का भी उदाहरण पेश करते हैं।

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