3 Mar 2026, Tue

Explainer: इजरायल के ‘आयरन बीम’ ने पहली बार युद्ध में मचाया तहलका, कम खर्च में ही फूंक डालता है दुश्मन के रॉकेट

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक नई सैन्य तकनीक ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के विरोध में लेबनान स्थित संगठन Hezbollah ने इजरायल पर रॉकेट और मिसाइलों से हमला किया। इसके जवाब में इजरायल ने पहली बार अपने अत्याधुनिक लेजर डिफेंस सिस्टम Iron Beam का इस्तेमाल किया।

हिज्बुल्लाह के हमले और इजरायल की जवाबी कार्रवाई

रिपोर्ट्स के मुताबिक, देर रात लेबनान की सीमा से इजरायल की ओर कई रॉकेट दागे गए। इन हमलों को रोकने के लिए इजरायल ने पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की जगह आयरन बीम सिस्टम को सक्रिय किया। दावा किया जा रहा है कि लेजर आधारित इस सिस्टम ने हवा में ही कई रॉकेटों को नष्ट कर दिया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ईरान ने भी विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की है। कई देशों ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

क्या है आयरन बीम?

आयरन बीम एक हाई-एनर्जी लेजर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे इजरायल ने विकसित किया है। इसे इजरायल की डिफेंस कंपनी Rafael Advanced Defense Systems ने तैयार किया है। यह सिस्टम पारंपरिक मिसाइल की बजाय शक्तिशाली लेजर बीम का इस्तेमाल करता है।

लेजर किरण प्रकाश की गति (लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड) से चलती है और दुश्मन के रॉकेट या ड्रोन के इंजन या वॉरहेड पर कुछ सेकंड तक केंद्रित ऊर्जा डालती है। लगभग 100 किलोवॉट की ऊर्जा 4-5 सेकंड तक लक्ष्य पर डालने से वह अत्यधिक गर्म होकर हवा में ही फट जाता है।

लागत और रणनीतिक महत्व

अब तक इजरायल अपने प्रसिद्ध Iron Dome सिस्टम का उपयोग करता रहा है, जिसकी हर इंटरसेप्टर मिसाइल की लागत लाखों डॉलर होती है। इसके मुकाबले आयरन बीम की प्रति शॉट लागत बेहद कम—करीब 2 डॉलर—बताई जा रही है।

जब तक बिजली की आपूर्ति उपलब्ध है, यह सिस्टम लगातार काम कर सकता है और इसमें गोला-बारूद खत्म होने का खतरा नहीं रहता। इसी कारण इसे भविष्य के युद्ध का गेमचेंजर माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम, धूल या घने बादलों में लेजर की प्रभावशीलता कम हो सकती है।

बहुस्तरीय सुरक्षा कवच

इजरायल ने आयरन बीम के उत्पादन को बढ़ाने के लिए 500 मिलियन डॉलर का नया कॉन्ट्रैक्ट किया है। यह सिस्टम अकेले काम नहीं करेगा, बल्कि David’s Sling और Arrow missile defense system जैसे अन्य डिफेंस सिस्टम के साथ मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार करेगा।

आयरन बीम को विकसित करने में एक दशक से अधिक समय लगा। इसे पहली बार 2014 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था और हाल ही में इसे ऑपरेशनल घोषित कर इजरायली सेना को सौंपा गया।

मौजूदा हालात में इस तकनीक का इस्तेमाल न केवल क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है, बल्कि वैश्विक रक्षा रणनीतियों पर भी इसका दूरगामी असर पड़ सकता है।

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