23 Mar 2026, Mon

Exclusive: कोई और हीरो होता तो पिट जाती धुरंधर, राकेश बेदी ने खोले फिल्म की सफलता के राज

मुंबई। आदित्य धर की जासूसी थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। दो भागों में रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों और आलोचकों दोनों से जबरदस्त सराहना बटोरी। फिल्म की सफलता का श्रेय पूरी टीम की मेहनत को जाता है, जिसमें तकनीशियनों, लेखकों, निर्देशकों और कलाकारों की कड़ी मेहनत साफ नजर आती है।

धुरंधर में जमील जमाली के किरदार के लिए सराहे जा रहे वरिष्ठ अभिनेता राकेश बेदी ने इंडिया टीवी से बातचीत में फिल्म की सफलता और मुख्य अभिनेता रणवीर सिंह के योगदान पर खुलकर बात की। राकेश बेदी का कहना है कि अगर रणवीर सिंह इतने आत्मविश्वास से भरे और समर्पित अभिनेता नहीं होते तो शायद फिल्म इतनी सफल नहीं होती।

रणवीर सिंह का आत्मविश्वास और समर्पण

राकेश बेदी ने रणवीर सिंह के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए कहा,
“मैं रणवीर सिंह को सलाम करता हूं। उन्होंने इस फिल्म में जिस तरह से खुद को संभाला और प्रस्तुत किया, वह काबिले तारीफ है। लगभग 40-50 दृश्य ऐसे थे, जहां वह सहायक अभिनेताओं के पीछे खड़े रहते थे और उन्हें अभिनय करने और कहानी को आगे बढ़ाने के लिए जगह देते थे। वह कभी किसी की प्रसिद्धि छीनने की कोशिश नहीं करते, न ही संवाद सिर्फ अपने लिए रखते हैं। यह उनके आत्मविश्वास और सिनेमा की गहरी समझ को दर्शाता है।”

रणवीर की सेट पर उपस्थिति और समर्पण को लेकर राकेश बेदी ने आगे बताया,
“वह शूटिंग के दौरान पूरी तरह से समर्पित रहते थे। लंबे समय बाद मैंने ऐसे मुख्य अभिनेता को देखा जो न केवल अपने अभिनय पर ध्यान देते हैं बल्कि अन्य कलाकारों और क्रू के साथ भी जुड़े रहते हैं। दिन भर की शूटिंग के बाद भी वह कमरे में नहीं जाते, बल्कि सेट पर रुककर प्रोडक्शन टीम और निर्देशक को आगे की शूटिंग में मदद करते। वह जानते थे कि यह फिल्म कुछ खास है।”

टीम वर्क और फिल्म की सफलता

राकेश बेदी ने फिल्म की सफलता में पूरी टीम के योगदान को भी रेखांकित किया। उनका कहना है कि धुरंधर का हर फ्रेम टीम की मेहनत की कहानी बताता है। निर्देशक, लेखक, तकनीशियन और कलाकार सभी ने मिलकर फिल्म को एक शानदार अनुभव बनाया। राकेश खुद भी मजेदार रैपिड फायर राउंड में अपनी परफॉर्मेंस से कभी संतुष्ट नहीं होते और एक और परफॉर्मेंस का अनुरोध करते रहते हैं।

इस तरह, धुरंधर की सफलता सिर्फ मुख्य अभिनेता पर निर्भर नहीं थी बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का नतीजा है। फिर भी, राकेश बेदी का मानना है कि रणवीर सिंह की पेशेवर प्रतिभा और समर्पण ने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर ऊँचाईयों तक पहुंचाया।

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