बदलते समय के साथ शिक्षा का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। अब पढ़ाई केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गैलेक्सी ग्रुप ने एक नई और अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसका नाम है देव गुरुकुल (Dev Gurukul)। यह पहल आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक संस्कारों के संतुलन के साथ बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने का दावा करती है।
देव गुरुकुल का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ अकादमिक रूप से मजबूत बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। यहां शिक्षा को पांच प्रमुख स्तंभों—धर्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थशास्त्र और विज्ञान—के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इस मॉडल के तहत छात्रों को न केवल पढ़ाई में दक्ष बनाया जाएगा, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल से भी सशक्त किया जाएगा।
इस संस्थान की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनुभवी और विशेषज्ञ फैकल्टी है। देव गुरुकुल में IITians, अनुभवी डॉक्टर और भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी छात्रों को मार्गदर्शन देंगे। इन विशेषज्ञों की मदद से छात्रों को करियर की सही दिशा मिल सकेगी, चाहे वे इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, डिफेंस सर्विसेज या खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहें।
संस्थान का फोकस इस बात पर भी है कि छात्र प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं जैसे IIT, IIM और मेडिकल एंट्रेंस में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके साथ ही उन्हें नेतृत्व क्षमता और अनुशासन जैसे गुणों से भी जोड़ा जाएगा, जो भविष्य में उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
देव गुरुकुल का कैंपस भी इसकी एक बड़ी विशेषता है। 33 एकड़ में फैला यह अत्याधुनिक कैंपस आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, हाई-टेक लैब, खेल के मैदान और शांत वातावरण उपलब्ध कराया गया है, ताकि छात्रों का शैक्षणिक और शारीरिक दोनों तरह का विकास हो सके। कैंपस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह सीखने के लिए प्रेरक माहौल प्रदान करे।
गैलेक्सी ग्रुप की इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक नया प्रयोग माना जा रहा है, जो आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ भारतीय मूल्यों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। संस्थान ने अभिभावकों और छात्रों को कैंपस विजिट के लिए आमंत्रित किया है, ताकि वे इस अनूठे शिक्षा मॉडल को करीब से समझ सकें।
कुल मिलाकर, देव गुरुकुल शिक्षा को एक नए दृष्टिकोण से देखने की कोशिश है, जहां ज्ञान के साथ संस्कार और कौशल का भी समान महत्व दिया जा रहा है।

