4 Aug 2026, Tue

CRPF अफसर ने 2 साथियों की गोली मारकर की हत्या, एक को किया घायल और फिर खुद को किया शूट

गुवाहाटी: असम के नागांव जिले में मंगलवार सुबह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कैंप में हुई गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक सीआरपीएफ एएसआई ने अपने दो साथियों को गोली मार दी और एक अन्य जवान को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी एएसआई ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

यह घटना नागांव जिले के कटिमारी स्थित 34वीं बटालियन कैंप में सुबह करीब 7 बजे हुई। घटना के बाद पूरे कैंप में अफरा-तफरी मच गई और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

मुख्य गेट पर ड्यूटी के दौरान चली गोलियां

नागांव की डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (मुख्यालय) परिमिता सरकार ने बताया कि घटना के समय मुख्य गेट पर ड्यूटी पर तैनात ASI/GD बल्लानी प्रेमाबारम ने अचानक अपने साथियों पर फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी में HV/GD विष्णु प्रसाद बघेल और SI/GD रामनवल सिंह यादव को गंभीर चोटें लगीं और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

एक जवान गंभीर रूप से घायल

फायरिंग की घटना में ASI/Mane गोविंद श्रीपुल भी घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

आरोपी एएसआई ने की आत्महत्या

पुलिस के अनुसार, अपने साथियों पर गोली चलाने के बाद एएसआई बल्लानी प्रेमाबारम ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को भी गोली मार ली। घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

इस प्रकार इस गोलीबारी में कुल तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि एक जवान घायल है।

जांच के आदेश

घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कैंप पहुंचे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

डीएसपी परिमिता सरकार ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

फायरिंग की वजह अब भी रहस्य

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एएसआई बल्लानी प्रेमाबारम ने अपने साथियों पर गोली क्यों चलाई। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत विवाद, मानसिक तनाव, ड्यूटी से जुड़ा कोई मामला या अन्य कारण हो सकते हैं।

चूंकि आरोपी ने घटना के तुरंत बाद आत्महत्या कर ली, इसलिए जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फायरिंग के वास्तविक कारणों का पता लगाना है।

सुरक्षा एजेंसियों में चिंता

सीआरपीएफ कैंप के भीतर हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चिंता में डाल दिया है। जांच टीम आरोपी जवान की सेवा रिकॉर्ड, हाल की गतिविधियों, ड्यूटी पैटर्न और सहकर्मियों के साथ उसके संबंधों की जानकारी जुटा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि कैंप में मौजूद अन्य जवानों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

फिलहाल कैंप में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा किया जा सकेगा।

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