16 Oct 2026, Fri

CJP के प्रदर्शन से दिल्ली के खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप; सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी, रोजाना हो रहा 50 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों खान मार्केट और कनॉट प्लेस में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और सुरक्षा प्रतिबंधों का असर कारोबार पर पड़ने लगा है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शन, बैरिकेडिंग और रास्ते बंद होने की आशंका के कारण ग्राहक बाजारों में आने से बच रहे हैं। इससे दुकानों की बिक्री प्रभावित हो रही है, जबकि किराया, कर्मचारियों की तनख्वाह और अन्य खर्च लगातार बने हुए हैं। खान मार्केट के व्यापारियों ने दावा किया है कि बाजार को रोजाना करीब 50 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है।

खान मार्केट के कारोबारियों ने जताई चिंता

खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार, लगातार प्रदर्शनों के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। इसका सीधा असर दुकानदारों की कमाई पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में कई दुकानों का किराया काफी अधिक है और बिक्री कम होने के बावजूद उन्हें नियमित खर्चों का भुगतान करना पड़ता है।

एसोसिएशन के मुताबिक, कुछ दुकानों का एक दिन का किराया करीब तीन लाख रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में अगर ग्राहक बाजार नहीं पहुंचते, तो कारोबारियों के लिए किराया, कर्मचारियों का वेतन और अन्य व्यावसायिक खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है।

व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राहत की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष सुने जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इससे स्थानीय कारोबार को होने वाले नुकसान पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

कनॉट प्लेस में भी ग्राहकों की आवाजाही घटी

दिल्ली के प्रमुख कारोबारी केंद्र कनॉट प्लेस में भी पिछले कई दिनों से कारोबार प्रभावित होने की बात सामने आई है। व्यापारियों के अनुसार, लगातार प्रदर्शनों और प्रतिबंधों के कारण बाजार में आने वाले ग्राहकों की संख्या कम हुई है।

न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव का कहना है कि पहले एक प्रदर्शन के दौरान कारोबार सामान्य स्तर के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत तक सिमट गया था। व्यापारी उस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसके बाद एक और राजनीतिक प्रदर्शन के चलते उनकी चिंताएं बढ़ गईं।

कारोबारियों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण महीने माने जाते हैं। इस दौरान त्योहारों और छुट्टियों के कारण बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने पहले से सामान का स्टॉक किया हुआ है, लेकिन ग्राहकों की कमी के कारण बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही।

हजारों दुकानों पर पड़ रहा असर

कनॉट प्लेस में लगभग 2,000 दुकानें हैं। इनमें से करीब 1,300 से 1,400 दुकानें इनर, मिडिल और आउटर सर्कल में स्थित हैं। इसके अलावा यहां कार्यालय, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। पालिका बाजार में लगभग 300 दुकानें हैं, जबकि पास के शंकर मार्केट में करीब 200 दुकानें कारोबार करती हैं।

व्यापारियों का कहना है कि बाजारों तक पहुंचने में परेशानी और सुरक्षा प्रतिबंधों की आशंका के कारण ग्राहक अपनी खरीदारी टाल रहे हैं। इसका प्रभाव दुकानों के साथ-साथ कैफे, रेस्तरां और आसपास के अन्य कारोबारों पर भी पड़ रहा है।

त्योहारों के सीजन में बढ़ी परेशानी

व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही सामान्य नहीं हुई, तो त्योहारों के सीजन में होने वाली संभावित बिक्री भी प्रभावित हो सकती है। दुकानदार चाहते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए बाजारों तक पहुंच आसान रखने के उपाय किए जाएं, ताकि प्रदर्शन के कारण कारोबार पूरी तरह ठप न हो।

फिलहाल व्यापारी प्रशासन से ऐसी व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे प्रदर्शन और आम लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बना रहे तथा स्थानीय कारोबारियों को लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।

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