13 Apr 2026, Mon

Char Dham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के दिन से शुरू होगी चारधाम की यात्रा, जानें रजिस्ट्रेशन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

Char Dham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा, जानें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और जरूरी जानकारी

भारत की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक चारधाम यात्रा इस साल 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के चार प्रमुख धाम—यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम—के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होगी, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में यदि आप भी इस पवित्र यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इसकी पूरी प्रक्रिया जान लेना जरूरी है।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां मोबाइल नंबर और नाम दर्ज कर नया अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है।

अकाउंट लॉगिन करने के बाद ‘Create/Manage Tour’ विकल्प पर क्लिक कर यात्रा की तारीखें और धामों का चयन करना होगा। इसके बाद यात्रियों की पूरी जानकारी जैसे नाम, उम्र, पहचान पत्र (आधार) और फोटो अपलोड करनी होती है। अंत में उपलब्ध स्लॉट के अनुसार तारीख और समय चुनकर फॉर्म सबमिट किया जाता है। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद एक यूनिक QR कोड के साथ यात्रा पास जारी होता है, जिसे डाउनलोड या प्रिंट करना जरूरी है।

कपाट खुलने की तिथियां
इस वर्ष यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को खुलेंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान
चारधाम यात्रा पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होती है, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यात्रा पर जाने से पहले हेल्थ चेकअप कराना चाहिए। साथ ही मौसम के अचानक बदलने की संभावना को देखते हुए गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखना जरूरी है। यात्रा के दौरान पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन पास हमेशा साथ रखें।

धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
चारधाम यात्रा को मोक्षदायिनी माना जाता है। मान्यता है कि इन चारों धामों के दर्शन करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और आत्मिक शांति प्राप्त होती है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं।

कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा 2026 एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का बड़ा अवसर लेकर आ रही है। अगर आप भी इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो समय रहते रजिस्ट्रेशन कर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लें।

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