नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच जारी हंगामे के कारण आज लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष के लगातार शोर-शराबे के चलते उनका संबोधन नहीं हो सका।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में मर्यादित आचरण बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्षी दलों के सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे। इसके चलते दोपहर 12 बजे से ही सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे का कारण
विपक्ष के हंगामे का मुख्य कारण पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और राहुल गांधी द्वारा किताब के उद्धरण को लेकर रोक को बताया जा रहा है। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार नेता विपक्ष को बोलने नहीं दे रही और कुछ सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, बीजेपी सांसदों निशिकांत दुबे को किताबों का हवाला देने की अनुमति दी गई, जिससे विपक्ष ने दोहरा मापदंड होने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “लोकसभा लोकतंत्र का मंदिर है। विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकना लोकतंत्र का अनादर है।” वहीं, सपा सांसद अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझौता भारत का पूरा बाज़ार अमेरिका को सौंपने जैसा है।
बीजेपी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने विपक्ष के आरोपों का पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश और किसानों के हित में है और इससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और बी.एल. वर्मा ने कहा कि विपक्ष केवल हंगामा करने पर ध्यान दे रहा है और पीएम मोदी अपनी बातें कल लोकसभा में रखेंगे।
निलंबन और विरोध प्रदर्शन
संसद में मंगलवार को हंगामा करने वाले 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
आगे की कार्यवाही
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब कल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी क्रमशः सदन को संबोधित करेंगे।
बजट सत्र के दौरान संसद में विपक्ष और सरकार के बीच यह गतिरोध देश की राजनीतिक खबरों में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।

