राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन: सरकार की उपलब्धियों और सामाजिक न्याय पर जोर
नई दिल्ली, 28 जनवरी 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस सदी के पहले 25 वर्षों में देश ने अनेक गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में भारत ने अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, विज्ञान-तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में लगातार प्रगति की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि 2026 का वर्ष ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश की यात्रा के लिए महत्वपूर्ण आधार वर्ष है। इस मजबूत नींव पर आगे चलकर भारत नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और सामाजिक न्याय
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सच्ची सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दशक में करीब 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर आए हैं। सरकार के तीसरे कार्यकाल में इस दिशा में प्रयासों को और तेज़ किया गया है।
2014 में सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स केवल 25 करोड़ नागरिकों तक सीमित थीं, जबकि अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों इसका लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीण विकास और रोजगार के लिए विकसित भारत-जी राम कानून लाया गया, जिसके तहत गांवों में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले एक दशक में गरीबों के 4 करोड़ पक्के मकान बने। बीते वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को उपलब्ध कराए गए। जल जीवन मिशन के पांच वर्षों में 12 करोड़ परिवारों को पाइपलाइन से पानी पहुंचाया गया और पिछले एक वर्ष में 1 करोड़ नए परिवारों को नल जल की सुविधा मिली।
उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए। पिछले एक साल में सरकार ने DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लगभग 7 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों तक सीधे पहुंचाए।
राष्ट्रपति ने कहा कि ये प्रयास न केवल गरीबों और वंचितों के जीवन को सशक्त बनाते हैं, बल्कि समाज में समानता और समान अवसरों की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं।
आर्थिक और सामाजिक सुधारों पर जोर
राष्ट्रपति ने संसद को बताया कि सरकार ने बुनियादी ढांचा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। डिजिटल इंडिया और ग्रामीण रोजगार योजनाओं से समाज के हर तबके को लाभ मिल रहा है। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में ये नीतियां भारत को सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह संबोधन सरकार की सामाजिक और आर्थिक नीतियों पर ध्यान केंद्रित करता है और इसे देश की प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक के रूप में देखा जा रहा है।

